
नई दिल्ली. गृह मंत्रालय ने 26 जनवरी को ट्रैक्टर मार्च के दौरान किसानों पर पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया। मंत्रालय ने कहा, पुलिस कर्मियों के पास कार्रवाई के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचे थे।
संसद में एक सवाल के जवाब में गृह मंत्रालय ने कहा, पुलिस के पास कार्रवाई के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। इसलिए भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले, वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया गया।
प्रदर्शन के दौरान नहीं हुआ सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन
गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने लिखित जवाब में कहा, प्रदर्शन के दौरान किसान बड़ी संख्या में इकट्ठा थे, इसके अलावा उन्होंने ना ही सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन किया और ना ही किसानों ने फेस मास्क पहना था।
जवाब में गृह राज्य मंत्री ने बताया, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 39 केस दर्ज किए हैं। इसके अलावा उन्होंने बताया कि दिल्ली पुलिस ने यह जानकारी दी है कि एक किसान ने प्रदर्शन के दौरान आत्महत्या भी की है।
संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे किसान
गृह मंत्रालय के मुताबिक, ट्रैक्टर मार्च कर रहे किसान दंगा कर रहे थे और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे थे, इसलिए पुलिस के पास कोई अन्य विकल्प नहीं बचा था।
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