
Laptop Import Ban India. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं आईटी और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि भारत लैपटॉप और सर्वर सहित डिजिटल उत्पादों के लिए दुनिया में सबसे तेजी से विकसित बाजारों में शुमार हो गया है। उन्होंने लैपटॉप और टैबलेट पर लगे बैन को लेकर कहा कि सरकार का मकसद है विश्वसनीय हार्डवेयर सिस्टम को सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्वदेशी प्रोडक्ट को बढ़ावा दिया जाए।
लैपटॉप इंपोर्ट बैन पर क्या बोले राजीव चंद्रशेखर
केंद्रीय आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने ट्वीट किया कि सरकार का मकसद विश्वसनीय हार्डवेयर सिस्टम सुनिश्चित करना, आयात पर निर्भरता कम करना और इस श्रेणी के उत्पादों का घरेलू विनिर्माण बढ़ाना है। उनका यह बयान पीसी, लैपटॉप और टैबलेट के आयात पर बैन लगाने की अधिसूचना के बाद आया है। राज्यमंत्री ने कहा कि आने वाले टेकेड में भारत के लोग लाखों की संख्या में डिजिटल प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करेंगे। एक ट्विटर यूजर की पोस्ट पर कमेंट करते हुए राज्य मंत्री ने कहा कि हमारी अर्थव्यवस्था का तेजी से डिजिटलीकरण/क्लाउडीकरण हो रहा है। हमारी डिजिटल अर्थव्यवस्था के विकास की तीव्र रफ्तार से मांग में भी वृद्धि हो रही है।
लाइसेंस राज से संबंध नहीं- राजीव चंद्रशेखर
केंद्रीय आईटी राज्यमंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि इसका संबंध लाइसेंस राज से बिल्कुल भी नहीं है। यह विश्वसनीय और सत्यापन योग्य प्रणालियों को सुनिश्चित करने के लिए आयात को विनियमित करने के संबंध में है। साथ ही यह सुनिश्चित करना है कि भारत को प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम सिर्फ विश्वसनीय और सत्यापित सिस्टम्स का उपयोग करता है।
इंपोर्ट बैन से चीन को झटका
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के नोटिफिकेशन के अनुसार लैपटॉप, टैबलेट, ऑल इन वन पर्सनल कंप्यूटर और अल्ट्रा स्मॉल फार्म फैक्टर कंप्यूटर और सर्वर का इंपोर्ट तत्काल प्रभाव से बैन किया गया है। इन सामानों के इंपोर्ट की अनुमति सिर्फ लीगल लाइसेंस के तहत ही दी जाएगी।
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