साइबर फ्रॉड पर कसेगी नकेल, गृह मंत्रालय ने लॉन्च किया ‘प्रतिबिंब’ सॉफ्टवेयर, पुलिस के लिए ऐसे होगा मददगार

Published : Apr 21, 2024, 02:23 PM ISTUpdated : Apr 21, 2024, 03:02 PM IST
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सार

साइबर फ्रॉड की घटनाओं  पर लगाम लगाने के लिए मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स की ओर से प्रतिबिंब सॉफ्टवेयर लॉन्च किया है। इस सॉफ्टवेयर के जरिए साइबर शातिरों को पकड़ना आसान होगा।  

नई दिल्ली। साइबर अपराधियों और ऑनलाइन क्राइम पर सख्ती के लिए गृह मंत्रालय की ओर से ‘प्रतिबिंब’ सॉफ्टवेयर लॉन्च किया गया है। होम मिनिस्ट्री के साइबर क्राइम कॉर्डिनेशन सेंटर ने स्टेट पुलिस की मदद के लिए इस खास सॉफ्टवेयर को डेवलप किया है। अधिकारियों का कहना है कि इस सॉफ्टवेयर की मदद से घटना के दौरान ही साइबर अपराधियों के नेटवर्क को नष्ट करना आसान हो सकेगा। 

अधिकारियों का कहना है कि 'प्रतिबिंब' सॉफ्टवेयर पूरे देश में साइबर क्राइम में प्रयोग मोबाइल नंबरों को जियोलॉजिकल इनफॉरमेशन सिस्टम (जीआईएस) मैप पर प्रेसेंट भी करता है। 

साइबर फ्रॉड में शामिल मोबइल नंबरों को करेगा ट्रैक
इस सॉफ्टवेयर की खासियत है कि साइबर क्राइम की घटनाओं या साइबर फ्रॉड के लिए इस्तेमाल होने वाले मोबाइल नंबरों को यह ट्रैक भी करता है। ऐसे नंबरों को ट्रैक कर पता लगाने के लिए ये सॉफ्टवेयर लॉ एनफोर्समेंट एजेंसियों और सर्विस प्रोवाइडर कंपनी के कर्मचारियों को मैप भी देता है। 'प्रतिबिम्ब' सॉफ्टवेयर लॉन्च होने के साथ गृह मंत्रालय ने सेंट्रल स्टेट एजेंसियों को 12 साइबर क्राइम हॉटस्पॉट के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश भी दिए हैं।

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साइबर शातिर बदल देते हैं जगह
सीनियर अधिकारियों की माने तो लोकल पुलिस साइब शातिरों की तलाश में दबिश देती है। इसलिए वे क्राइम करने के साथ अधिकतर जगह बदलते रहते हैं। ऐसे में सॉफ्टवेटर में भी उनकी लोकेशन चेंज होती है। ऐसे में इनको ट्रैक करना काफी चुनौतीपूर्ण होगा। 

हरियाणा और झारखंड में रखा टारगेट
हरियाणा और झारखंड के इलाकों को टारगेट कर साइबर शातिरों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चलाया गया है। अधिकारियों ने कहा है कि साइबर क्राइम के खिलाफ अभियान में हरियाणा में 42 साइबर शातिर पक़ड़े गए हैं। नूंह, मेवात में कई बड़े साइबर क्राइम की घटनाएं हुई हैं।

रियल लोकेशन ट्रेस करना
इस सॉफ्टवेयर की मदद से साइबर शातिरों की एक्टिविटी की रियल लोकेशन ट्रेस करनी आसान हो जाएगी। क्रिमिनल एक्टिविटी में एक्टिव दिख रहे मोबाइल नंबरों को ट्रेस करना आसान होगा। गृह मंत्रालय ने केंद्रीय एजेंसियों की पहचान के बाद 12 साइबर साइबर क्राइम हॉटस्पॉट पर का्रवाई करने के निर्देश जारी किए हैं।

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