
नई दिल्ली। केंद्रीय कैबिनेट ने रबी फसलों की एमएसपी बढ़ाया है। केंद्र सरकार का दावा है कि इस बढ़ोतरी के साथ किसानों की आय में डेढ़ गुना वृद्धि हो जाएगी। लेकिन कई किसान संगठनों ने इसको नाकाफी बताया है। किसान आंदोलन के अगुवा योगेंद्र यादव ने इसे किसान से धोखा करार दिया है।
हालांकि, सरकार के कदम की तारीफ करते हुए फैसले को किसान हितैषी बताते हुए ब्लूक्राफ्ट डिजिटल फाउंडेशन के सीईओ अखिलेश मिश्र ने कहा कि इस बढ़ोतरी के बाद रबी की फसलों पर किसानों को 60 से 100 प्रतिशत लागत का रिटर्न मिलने लगेगा। कुछ लोग केवल किसानों को बरगलाने की कोशिश में लगे हुए हैं। उन्होंने ट्वीट कर आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि गेहूं पर किसानों को लागत पर शत प्रतिशत रिटर्न मिल रहा है। जबकि जौ पर 60 प्रतिशत, चना पर 74 प्रतिशत, मसूर पर 79 प्रतिशत, सरसों पर 100 प्रतिशत लागत पर रिटर्न मिल रहा है।
क्या आरोप लगाया योगेंद्र यादव ने?
स्वराज अभियान के प्रमुख योगेंद्र यादव ने बताया कि रबी के चार प्रमुख फसलों की एमएसपी में 2 प्रतिशत के आसपास की बढ़ोतरी की गई है। मोदी सरकार इस निर्णय को ऐतिहासिक बता रही है जबकि महंगाई 5 से 6 प्रतिशत की दर से बढ़ी है। ऐसे में किसानों के साथ यह बढ़ोत्तरी छल है।
कैबिनेट ने किस फसल पर कितना बढ़ाया एमएसपी
कैबिनेट ने रबी सीजन वर्ष 2022-23 के लिए गेहूं के एमएसपी में 40 रुपये प्रति कुंतल का इजाफा कर 2015 रुपये कर दिया है। जबकि चने की एमएसपी में 130 रुपये बढ़ाया गया है। अब चना की खरीद 5100 रुपये प्रति कुंतल पर किया जाएगा।
सरसों की एमएसपी में 400 रुपये प्रति कुंतल बढ़ाया गया है। अब सरसों को 4250 रुपये की बजाय 4650 रुपये प्रति कुंतल की रेट पर खरीदा जा सकेगा। मसूर में भी 400 रुपये की बढ़ोतरी कर 5,100 रुपये प्रति कुंतल कर दिया गया है। जौं की एमएसपी 1600 रुपये से बढ़ाकर 1635 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है।
केंद्रीय कैबिनेट ने सूरजमुखी के एमएसपी में 114 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी कर 5,327 रुपये प्रति कुंतल कर दिया है।
यह भी पढ़ें:
आत्मनिर्भर IAF: 83 LCA Tejas सहित 350 विमान खरीदेगी भारतीय वायुसेना
किसानों के लिए मोदी कैबिनेट का फैसला: गेहूं, चना, मसूर और सरसों की MSP में बढ़ोतरी
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.