केंद्र सरकार ने दिसंबर 2028 तक मुफ्त चावल आपूर्ति योजना को बढ़ा दिया है। इस पहल का उद्देश्य फोर्टिफाइड चावल प्रदान करके एनीमिया और पोषक तत्वों की कमी को दूर करना है।
केंद्र सरकार ने गरीबों को खुशखबरी देते हुए दशहरा का तोहफा दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अगुवाई वाली केंद्रीय कैबिनेट ने दिसंबर 2028 तक मुफ्त चावल आपूर्ति योजना (विटामिन युक्त मुफ्त फोर्टिफाइड राइस) को बढ़ाने की मंजूरी दे दी है। इस पहल का उद्देश्य आयरन, फोलिक एसिड और विटामिन बी12 प्रदान करके भारत में एनीमिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करना है।
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प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) और अन्य योजनाओं सहित सरकार की सभी योजनाओं के तहत सार्वभौमिक मुफ्त फोर्टिफाइड चावल जारी रखने के लिए बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में मंजूरी दे दी गई। कल्याणकारी योजनाएं जुलाई 2024 से दिसंबर 2028 तक जारी रहेंगी। कैबिनेट के फैसलों के अनुसार, पीएमजीकेएवाई, (खाद्य सब्सिडी) के हिस्से के रूप में सरकार द्वारा 100 प्रतिशत केंद्रीय निधियों के साथ जारी रखा जा रहा है, अगले चार वर्षों यानी 2028 तक जारी रहेगा।
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देश की गरीब आबादी में एनीमिया और सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को दूर करने के लिए खाद्य फोर्टिफिकेशन को एक सुरक्षित और प्रभावी उपाय के रूप में दुनिया भर में मान्यता प्राप्त है। भारत में चावल सूक्ष्म पोषक तत्वों को पहुंचाने के लिए एक उपयुक्त वाहन है क्योंकि 65 प्रतिशत आबादी इसे मुख्य भोजन के रूप में खाती है। सामान्य चावल (कस्टम मिलिंग राइस) में सूक्ष्म पोषक तत्वों (आयरन, फोलिक एसिड, विटामिन बी12) से भरपूर फोर्टिफाइड राइस कर्नेल (एफआरके) को एफएसएसएआई द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार मिलाकर चावल फोर्टिफिकेशन किया जाता है। अप्रैल 2022 में, आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने मार्च 2024 तक चरणबद्ध तरीके से देश भर में चावल फोर्टिफिकेशन कार्यक्रम को लागू करने का फैसला किया।
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मंत्रिमंडल ने कहा कि तीन चरण सफलतापूर्वक पूरे हो चुके हैं और मार्च तक सभी सरकारी योजनाओं में फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति के लिए सार्वभौमिक कवरेज का लक्ष्य रखा गया है। यह फैसला देश में पोषण सुरक्षा की आवश्यकता पर 75वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के अनुरूप है। एनीमिया को दूर करने के लिए "लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली (TPDS), अन्य कल्याणकारी योजनाओं, एकीकृत बाल विकास सेवा (ICDS), PM POSHAN (पूर्व MDM) में फोर्टिफाइड चावल की आपूर्ति" जैसे कार्यक्रम चल रहे हैं। हाल ही में जारी राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-5) के अनुसार, एनीमिया भारत में एक बड़ी समस्या बनी हुई है। यह विभिन्न आयु वर्ग और आय स्तर के बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को प्रभावित करता है।
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यह योजना प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (PMGKAY) सहित प्रमुख सरकारी कार्यक्रमों को कवर करती है। यह जुलाई 2024 से दिसंबर 2028 तक प्रभावी रहेगी। एनीमिया और कुपोषण को कम करने के उद्देश्य से फोर्टिफाइड चावल के वितरण की पहल के लिए PMGKAY के तहत केंद्र सरकार 100% धन मुहैया कराती है। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह योजना देश भर में चावल फोर्टिफिकेशन के लिए एक एकीकृत प्रणाली सुनिश्चित करेगी। इस कदम से लगभग 80 करोड़ नागरिकों को फायदा होने की उम्मीद है।
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