
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार मैरीटाइम इंडिया समिट-2021 का उद्घाटन किया। कोरोना की वजह से उन्होंने वीडियो कान्फ्रेंसिंग के जरिये समिट को संबोधित किया। कार्यक्रम में 50 से ज्यादा देशों के करीब एक लाख से ज्यादा प्रतिभागी शामिल हुए। इन्होंने पहले ही ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था। इस मौेके पर मोदी ने कहा कि समिट इस क्षेत्र से संबंधित कई हितधारकों को एक साथ लाता है। मुझे यकीन है कि हम समुद्री अर्थव्यवस्था को बढ़ाने में बड़ी सफलता हासिल करेंगे। बता दें कि इस आयोजन में कई देश भाग ले रहे हैं। इसमें सीईओ और राजदूत भी शामिल हैं। 50 देशों के एक लाख से अधिक प्रतिभागियों ने MIS समिट 2021 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण किया है। समिट 4 मार्च तक निर्धारित है। इस मौके पर मोदी ने मैरीटाइम इंडिया समिट में ई-बुक 'मैरीटाइम इंडिया विजन 2030' का विमोचन भी किया।
मोदी ने कहा
शिखर सम्मेलन के माध्यम से मैं दुनिया को भारत आने के लिए आमंत्रित करना चाहता हूं और हमारी विकास यात्रा का हिस्सा बनाना चाहता हूं। भारत समुद्री क्षेत्र में बढ़ने और दुनिया की एक अग्रणी ब्लू अर्थव्यवस्था के रूप में उभरने को ईमानदार से आगे बढ़ रहा है।
हमारे राष्ट्र का एक समृद्ध समुद्री इतिहास है। हमारे तटों पर सभ्यताएं फली-फूलीं। हजारों वर्षों से हमारे बंदरगाह महत्वपूर्ण व्यापारिक केंद्र रहे हैं। हमारे तटों ने हमें दुनिया से जोड़ा। यह शिखर सम्मेलन इस क्षेत्र से संबंधित कई हितधारकों को एक साथ लाता है।
जानें क्या है मैरीटाइम समिट
यह शिखर सम्मेलन समुद्री क्षेत्र में भारत को आत्मनिर्भर बनाने और निवेश को बढ़ावा देने के मकसद से किया जा रहा है। इसमें समुद्री व्यापार और रोजगार से जुड़े हितग्राहियों को एक साथ एक मंच पर लाने की कोशिश है। इस समिट का आयोजन बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय कर रहा है। इसमें डेनमार्क सहयोगी देश है।
केंद्रीय बंदरगाहों के स्वतंत्र प्रभार, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री मनसुख मंडाविया ने इसे भारत को आत्मनिर्भर बनाने वाला बताया। उन्होंने बताया कि सभी बंदरगाहों का आधुनिकीकरण हो रहा है। इस क्षेत्र में निवेशकों को आकर्षित करने मैरीटाइन विजन तैयार हो रहा है।
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