
NEET 2024 paper leak Row: इन दिनों देश का माहौल परीक्षा में हो रहे धांधली को लेकर काफी खराब है। पेपर लीक से जुड़े मामले की वजह से देश में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। खासकर NEET-UG जैसे प्रतिष्ठित एग्जाम के प्रश्न पत्र के लीक होने से लाखों की संख्या में छात्रों का भविष्य दाव पर लग चुका है। इसके अलावा UP लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित किए जाने वाले समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) के परिक्षा में भी धांधली को लेकर बड़े स्तर पर गिरफ्तारियां हो रहे हैं। इन सब का सबसे बड़ा असर देश के स्टूडेंट पर पड़ रहा है, जो सालों-साल मेहनत करते है और उनकी मेहनत 1 झटके में गोरख धंधेबाजों की वजह ले पानी में चला जाता है।
हाल ही में NEET-UG पेपर लीक मामले में CBI ने देश के 6 राज्यों में अपनी जांच का दायरा पहुंचाया है। पेपर लीक मामले में CBI की एंट्री होने के बाद से तेजी से जांच का काम शुरू हो गया है। इसके अलावा UP लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित किए जाने वाले समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) के परिक्षा में भी धांधली से जुड़े मामले में बड़े स्तर पर धरपकड़ अभियान चल रहा है।
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NEET-UG पेपर लीक मामले की शुरुआत
NEET-UG पेपर लीक मामला सामने आने के बाद देश भर के छात्र संगठनों ने व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। बता दें कि बीते महीने 5 मई को NEET-UG मेडिकल एट्रेंस एग्जाम हुए थे। इसमें 24 लाख लोगों ने भाग लिया था। इस एग्जाम को देश भर के 571 शहरों के 4,750 सेंटर पर आयोजित किया गया था। 4 जून का एग्जाम के रिजल्ट सामने आए तब बहुत से लोग चौंक गए क्योंकि 67 बच्चों के नंबर 720 आए थे। इसके बाद शक और भी गहरा गया, जब एक ही सेंटर के 8 बच्चों का नंबर पूरे के पूरे 720 थे। इसके अलावा कई बच्चों को ग्रेस मार्क्स भी दिए गए, जिसे बवाल खड़ा हो गया।
बिहार, झारखंड, गुजरात समेत महाराष्ट्र में पेपर लीक की कड़ी
मामले को तूल पकड़ता देख केंद्र सरकार ने जांच के आदेश दिए। इसके बाद बिहार में बड़े स्तर पर गिरफ्तारियां हुई। इस कड़ी में बिहार पुलिस की जांच में पाया गया कि सॉल्वर गैंग के पास 13 परीक्षार्थियों के रोल कोड मौजूद थे। इसकी मदद से उन्हें पहली बार पता चला कि पेपर लीक हुआ है। इसमें 4 अभ्यर्थियों समेत 13 लोगों की गिरफ्तारी हुई थी। इन सब में NEET पेपर लीक मामले में मुख्य आरोपी सिकंदर यादवेंदु का नाम सबसे पहले आया और उसे इन सब का मास्टरमाइंड माना गया। उसने छात्रों से पेपर के लिए 30 से 40 लाख रुपए वसूले थे।
हजारीबाग, देवघर, गुजरात और महाराष्ट्र से भी पेपर लीक मामले में जांच का दायरा पहुंचा। गुजरात के गोधरा में जय जलाराम स्कूल पर चैटिंग कराने का आरोप लगा। इसके लिए सेंटर ने 10 लाख रुपए लिए थे। महाराष्ट्र में चार लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनके पास मोबाइल मैसेज के द्वारा हॉल टिकट और पैसे के लेनदेन से जुड़े जानकारी मिली।
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