सीबीआई टीम पर हमले के आरोप में 8 लोगों के खिलाफ नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश मोबाइल से शूट किए गए वीडियो के आधार पर कर रही है।

UGC-NET Paper leak: यूजीसी-नेट पेपर लीक मामले की जांच करने बिहार पहुंची सीबीआई टीम को रविवार को एक गांव में घेर लिया गया। फर्जी सीबीआई के शक में असली सीबीआई टीम पर गांववालों ने हमला बोल दिया। किसी तरह सीबीआई टीम खुद को बचा सकी। सीबीआई टीम पर हमले के आरोप में 8 लोगों के खिलाफ नामजद और करीब 200 अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश मोबाइल से शूट किए गए वीडियो के आधार पर कर रही है। पुलिस ने चार लोगों को अरेस्ट भी कर लिया है। यह मामला नवादा के कसियाडीह गांव की है।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

सेलफोन को ट्रेस करते हुए पहुंची थी टीम

यूजीसी-नेट पेपर लीक की जांच कर रही सीबीआई की टीम रविवार को नवादा के कसियाडीह गांव में पहुंची थी। बिहार पुलिस के सीनियर अफसर अंबरीश राहुल ने बताया कि सीबीआई टीम कसियाडीह पहुंची तो उन पर हमला हुआ। सीबीआई के चार अधिकारी और एक महिला कांस्टेबल गांव में पहुंचे थे। वे लोग एक व्यक्ति की तलाश में उसका सेलफोन ट्रेस करते हुए पहुंचे थे। मोबाइल ट्रेस करते हुए गांव में पहुंची टीम पर लोगों ने अचानक से हमला कर दिया। सीबीआई ने भीड़ से किसी तरह बताया और पुलिस को सूचित किया। मौके पर बैकअप के लिए पुलिस टीम पहुंची। गांववालों को समझाया गया कि टीम असली सीबीआई है। पुलिस की मौजूदगी में सीबीआई ने अपनी जांच पड़ताल करते हुए दो मोबाइल फोन्स को जब्त किया। सीबीआई के अनुसार, जब्त किए गए फोन्स के कनेक्शन नेट पेपर लीक से जुड़ा है।

यूजीसी-नेट परीक्षा पेपर लीक कांड में सीबीआई ने दर्ज किया है एफआईआर

यूजीसी-नेट परीक्षा, हर साल दो बार आयोजित किया जाता है। इस परीक्षा को उतीर्ण करके अभ्यर्थी हायर एजुकेशन संस्थानों में बतौर शिक्षक अपना करियर बना सकते हैं। फेलोशिप के लिए भी अभ्यर्थियों को नेट-जेआरएफ के लिए इस परीक्षा में बैठना पड़ता है। यह परीक्षा भी एनटीए कराती है। यूजीसी-नेट परीक्षा, यूजीसी द्वारा संचालित होती है। इस बार हुए परीक्षा के एक दिन बाद ही उसे रद्द कर दिया गया था। नीट पेपर लीक के बाद पूरे देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच नेट परीक्षा का भी पेपर लीक होने पर विवाद के पहले ही उसे रद्द कर दिया गया। यूजीसी को साइबर अपराध विभाग से इनपुट मिले थे कि पेपर डार्क नेट पर उपलब्ध था और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर 5-6 लाख रुपये में बेचा गया था।

यह भी पढ़ें:

पेपर लीक के बाद NTA की साख दांव पर, नीट-यूजी की दोबारा परीक्षा देने नहीं पहुंचे 48 % अभ्यर्थी