
नई दिल्ली. कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस के एम्पायर को ढहाने नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (NIA) ने मंगलवार(21 फरवरी) को एक बड़े एक्शन को अंजाम दिया है। NIA ने सुबह आठ राज्यों में 72 से अधिक जगहों पर छापेमारी की है। ये छापे गैंगस्टर लॉरेंस और उसके करीबियों के ठिकानों पर की गई है। यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई है, जब खालिस्तान समर्थक अमृतपाल ने अमित शाह को धमकी दी थी।
न्यूज एजेंसी ANI की रिपोर्ट के अनुसार, यह छापेमारी राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश में एक साथ की गई। इधर, राजस्थान में छापे के दौरान गैंगस्टर लॉरेंस का पाकिस्तान के साथ भी कनेक्शन सामने आया है। सूत्रों के अनुसार, NIA इस कार्रवाई के जरिये लॉरेंस और इन राज्यों में फैले उसके सिंडिकेट को नेस्तनाबूत करना चाहती है। लॉरेंस के टेरर फंडिंग में शामिल होने के सबूत मिलने के बाद छापेमारी को अंजाम दिया गया है। लॉरेंस पर सिद्धू मूसेवाला का मर्डर का इल्जाम है। इस समय लॉरेंस जेल में बंद है। उसके साथी नीरज बवाना ने पूछताछ में हथियार सप्लायर गिरोह और टेरर फंडिंग की बात स्वीकारी थी। कहा जा रहा है कि यूपी में बुलंदशहर के सिकंदराबाद के मोहल्ला झारखंडी में रेड के दौरान खुर्जा के असलहा के सौदागर रिज़वान और क़ुर्बान के रिश्तेदार याहया पहलवान के घर हथियार भी मिले हैं।
पंजाब में गैंगस्टर आतंकी नेटवर्क के मामलों में एनआईए ने फिरोजपुर, भटिंडा, मोगा, लुधियाना, फाजिल्का, मुख्तार साहिब में छापेमारी की है। इनमें लुधियाना ब्लास्ट केस के अलावा खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) के सदस्य अर्शदीप सिंह गिल उर्फ अर्श दल्ला के ठिकाने भी शामिल बताए जा रहे हैं। NIA ने कनाडा में रहकर पंजाब में आतंक फैला रहे लखबीर लंडा के अलावा गैंगस्टर लॉरेंस और गोल्डी बराड़ के करीबियों के ठिकानों पर छापा मारा है।बता दें कि कुछ दिन पहले ही लखबीर लंडा को NIA ने आतंकी घोषित किया है।
पंजाब में यह एक्शन ऐसे समय में सामने आया है, जब 'वारिस पंजाब दे' संगठन के प्रमुख और खालिस्तानी समर्थक अमृतपाल सिंह द्वारा केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह को अंजाम भुगतने की धमकी दी गई थी। अमृतपाल ने रविवार को पंजाब के मोगा जिले के बुधसिंह वाला गांव में कहा था कि इंदिरा ने भी दबाने की कोशिश की थी, क्या हश्र हुआ? अब अमित शाह अपनी इच्छा पूरी कर के देख लें। अमृतपाल पंजाबी सिंगर दीप सिद्धू की बरसी में आया था। बता दें कि वारिस पंजाब दे संगठन दीप सिद्धू ने ही बनाया था।
इधर, सीबीआई ने व्यापारियों और चावल मिल मालिकों को लाभ पहुंचाने के लिए घटिया अनाज खरीदने वाले भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) के अधिकारियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के सिलसिले में मंगलवार को पंजाब में 30 स्थानों पर तलाशी शुरू की।
अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई की टीमों ने 'ऑपरेशन कनक 2' के तहत सरहिंद, फतेहपुर साहिब और मोंगा सहित पंजाब के कई जिलों में अनाज व्यापारियों, चावल मिल मालिकों और एफसीआई के सेवारत और रिटायर्ड अधिकारियों के परिसरों पर एक साथ छापे मारे।
एफसीआई में अधिकारियों के एक संगठित सिंडिकेट से संबंधित FIR में तलाशी का यह दूसरा दौर है, जिन्होंने कथित रूप से एफसीआई गोदामों में अनलोड किए गए प्रति ट्रक 1000-4000 रुपये प्रति फसल सीजन में निजी मिलरों से कम गुणवत्ता वाले अनाज को कवर करने के लिए रिश्वत ली।
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