
नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बीच मोदी सरकार के 20 लाख करोड़ के आर्थिक पैकेज के तीसरी किस्त किसानों के लिए थी। निर्मला सीतारमण ने बताया कि हर्बल खेती के लिए 4000 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। अगले दो साल में 10 लाख हेक्टेयर जमीन पर हर्बल खेती होगी। गंगा के किनारे 800 हेक्टेयर भूमि पर हर्बल प्रॉडक्ट्स के लिए कॉरिडोर बनाया जाएगा।
5000 करोड़ की किसानों की आय होगी
वित्त मंत्री ने कहा, हर्बल खेती के प्रमोशन के लिए 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया। लगभग 10 लाख हेक्टेयर में हर्बल प्रॉड्क्टस की खेती होगी। इससे 5,000 करोड़ की आय किसानों को होगी।
किसानों के लिए क्या?
वित्त मंत्री ने बताया, लॉकडाउन के दौरान भी किसान काम करते रहे, छोटे और मंझोले किसानों के पास 85 फीसदी खेती है। उन्होंने बताया, कोरोना के दौरान दो महीने में कई कदम उठाए गए। पीएम किसान योजना के तहत 18 हजार करोड़ से ज्यादा रुपए किसानों के खाते में डाले गए। इसके अलावा किसानों को बीमा की योजना में 6400 करोड़ रुपए की राशि भी दी है।
दूध का उत्पादन बढ़ाने की कोशिश
वित्त मंत्री ने बताया, लॉकडाउन में दूध की डिमांड में 20-25% की कमी आई। इसके लिए डेयरी सहकारी समितियों को 2020-21 में डेयरी सहकारी समितियों को 2% प्रति वर्ष दर से ब्याज उपदान प्रदान करने की नई योजना लाई गई है। इस योजना में 5000 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी से 2 करोड़ किसानों को लाभ होगा।
- सरकार तुरंत किसानों के लिए फार्म गेट के बुनियादी ढांचे के लिए 1 लाख करोड़ रुपए का एग्री-इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड बनाने जा रही है। इससे कोल्ड चेन, फसल कटाई के बाद प्रबंधन की सुविधाएं मिलेंगी। किसान की आय भी बढ़ेगी।
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