
नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के नेता और दिल्ली के पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। उन्हें अभी तिहाड़ जेल में ही रहना होगा। सिसोदिया ने जमानत की अर्जी लगाई थी, लेकिन निराशा हाथ लगी।
दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस में गिरफ्तार किए जाने के बाद से सिसोदिया जेल में बंद हैं। उन्होंने अपनी पत्नी की बीमारी का हवाला देते अंतरिम जमानत मांगी थी। कोर्ट ने इसे चार अक्टूबर तक के लिए टाल दिया है। जस्टिस संजीव खन्ना और एसवीएन भट्टी की पीठ ने शुक्रवार को सिसोदिया की याचिका पर सुनवाई की।
सिसोदिया की ओर से पेश हुए सीनियर वकील अभिषेक सिंघवी ने कहा कि उन्हें मामले पर बहस करने के लिए दो से तीन घंटे की जरूरत है। सिसोदिया ने मानवीय आधार पर अपनी बीमार पत्नी सीमा से मिलने के लिए अंतरिम जमानत की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उन्होंने सीमा के बिगड़ते स्वास्थ्य से संबंधित मेडिकल रिपोर्ट पेश की थी।
क्या है दिल्ली एक्साइज पॉलिसी केस?
मनीष सिसोदिया अरविंद केजरीवाल सरकार में उपमुख्यमंत्री के साथ ही उत्पाद विभाग के मंत्री भी थे। सिसोदिया के नेतृत्व में दिल्ली सरकार ने नई एक्साइज पॉलिसी बनाई और उसे लागू किया। दिल्ली सरकार ने 17 नवंबर, 2021 को नीति लागू की, लेकिन भ्रष्टाचार के आरोपों के बीच सितंबर 2022 के अंत में इसे रद्द कर दिया।
आरोप है कि नई एक्साइज पॉलिसी में अपने चहेते शराब कारोबारियों को लाइसेंस देने का इंतजाम किया गया। इसके बदले रिश्वत ली गई। मामला सामने आने के बाद उपराज्यपाल ने इसकी जांच के लिए सीबीआई को पत्र लिखा था। सीबीआई ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। सीबीआई ने 26 फरवरी 2023 को सिसोदिया को गिरफ्तार किया था। बाद में उन्हें ईडी ने भी गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए जाने के बाद से सिसोदिया जेल में बंद हैं।
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