
Odisha train accident: ओडिशा के बालासोर में हुए भीषण ट्रेन हादसा की जांच सीबीआई करेगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को जानकारी देते हुए बताया कि रेलवे बोर्ड की सिफारिश पर यह कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि हादसा की परिस्थितियों को देखते हुए बोर्ड ने सीबीआई जांच की सिफारिश की है। वैष्णव ने कहा, "जिन परिस्थितियों में दुर्घटना हुई है, उसे ध्यान में रखते हुए और प्राप्त प्रशासनिक जानकारी के आधार पर, रेलवे बोर्ड ने सिफारिश की है कि जांच को केंद्रीय जांच ब्यूरो द्वारा आगे बढ़ाया जाना चाहिए।"
रेलवे सुरक्षा आयुक्त जांच में इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग की वजह से हादसा
रेलवे बोर्ड की सिफारिश के पहले रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा था कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त की जांच पूरी हो गई है। रेलवे सेफ्टी कमिश्नर जल्द रिपोर्ट देंगे। जल्द सारे तथ्य सामने आएंगे। यह क्लियर है कि रूट कॉज का पता चल गया है। जल्द सबके सामने फैक्ट लाया जाएगा। उन्होंने कहा कि रेलवे सुरक्षा आयुक्त ने मामले की जांच की है। जांच रिपोर्ट आने दीजिए। हमने घटना के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर ली है। यह इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग में बदलाव के कारण हुआ।
ओडिशा सरकार ने कहा-275 लोगों की हुई है मौत
रविवार को मौतों के आंकड़ों को ओडिशा सरकार ने स्पष्ट किया। राज्य सरकार ने बताया कि ट्रेन दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 288 नही बल्कि 275 है। कुछ शवों को दो बार गिनने की वजह से मृतकों की संख्या बढ़ गई थी। राज्य प्रशासन ने बताया कि इस हादसा में 1175 लोग घायल हुए हैं। मुख्य सचिव पी.के. जेना ने बताया कि कुछ शवों को दो बार गिने जाने के कारण, आंकड़ों में थोड़ा संशोधन हुआ है। उन्होंने बताया कि बालासोर के जिला कलक्टर की टीम ने सावधानीपूर्वक सत्यापन करने के बाद रिपोर्ट दी है कि मरने वालों की संख्या 275 है। चीफ सेक्रेटरी जेना ने बताया कि घायलों का इलाज सोरो, बालासोर, भद्रक और कटक स्थित विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। इनका सत्यापन करने के बाद यह साफ हुआ है कि 1175 लोग घायल हुए हैं। इसमें 793 यात्रियों को छुट्टी दे दी गई है जबकि 382 वर्तमान में सरकारी खर्च पर इलाज करा रहे हैं।
88 शवों की हुई पहचान
पीके जेना ने बताया कि मृतकों की शिनाख्त लगातार कराई जा रही है। 88 शवों की पहचान कराई जा चुकी है। इसमें 78 शवों को उनके परिजन पहचान कर लिया तो उनको सौंपा जा चुका है। जबकि 187 की पहचान नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि शवों की पहचान में समस्याएं आ रही हैं। इसके लिए डीएनए सैंपलिग, मृतकों के फोटोज को सरकाी वेबसाइट्स पर अपलोड किए जाएंगे ताकि पहचान कराई जा सके।
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