Operation Chakra V: कैसे CBI ने जापानी नागरिकों को ठगने वाले साइबर ठग को UAE से दबोचा?

Published : Nov 02, 2025, 09:33 AM IST
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सार

CBI ने ‘ऑपरेशन चक्र V’ में जापानी नागरिकों को ठगने वाले टेक स्कैम मास्टरमाइंड Dwibendu Moharana को UAE से गिरफ्तार किया। नोएडा से चला यह नेटवर्क “Microsoft सपोर्ट” के नाम पर करोड़ों की ठगी करता था। 

नई दिल्ली। क्या आपने कभी सोचा है कि कोई अपराधी देश छोड़कर विदेश भाग जाए और फिर भी CBI उसे पकड़ ले? ऐसा ही कुछ हुआ ‘ऑपरेशन चक्र V’ में, जब CBI ने जापानी नागरिकों को ठगने वाले एक साइबर ठग गिरोह के मास्टरमाइंड द्विबेंदु मोहाराना को पकड़ लिया। यह वही शख्स है जो भारत से UAE भाग गया था, लेकिन उसकी किस्मत ज्यादा दिनों तक उसका साथ नहीं दे सकी। CBI ने उसे भुवनेश्वर एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया, और अब वह पुलिस की हिरासत में है।

क्या है ऑपरेशन चक्र V और कैसे चला ये अभियान?

CBI का ‘ऑपरेशन चक्र V’ असल में एक अंतरराष्ट्रीय साइबर क्राइम अभियान है। इस ऑपरेशन में CBI ने जापान की नेशनल पुलिस एजेंसी और माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन के साथ मिलकर एक बड़े टेक सपोर्ट फ्रॉड रैकेट का पर्दाफाश किया। दरअसल, आरोपी और उसके साथियों ने फर्जी कॉल सेंटर बनाकर जापानी नागरिकों को ठगा। वे खुद को माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनियों का सपोर्ट स्टाफ बताते थे और लोगों को यह कहकर डराते थे कि उनके लैपटॉप या फोन हैक हो गए हैं। फिर सिस्टम ठीक करने के नाम पर उनसे लाखों रुपये ठग लिए जाते थे।

CBI की छापेमारी और गिरफ्तारी की पूरी कहानी

28 मई को CBI ने दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में एक साथ 19 जगहों पर छापेमारी की थी। इस दौरान दो अवैध कॉल सेंटर बंद किए गए और छह लोगों को गिरफ्तार किया गया। मुख्य आरोपी द्विबेंदु मोहाराना नोएडा में VoIP Connect Pvt Ltd नाम की कंपनी चला रहा था। जब उसके साथियों की गिरफ्तारी हुई, तो वह UAE भाग गया। लेकिन CBI की निगरानी जारी रही। आखिरकार, मोहाराना UAE से भारत लौटा, और भुवनेश्वर एयरपोर्ट पर गिरफ्तार हो गया। अब वह तीन दिन की पुलिस हिरासत में है।

कैसे करते थे साइबर ठग जापानी नागरिकों को शिकार?

  • CBI की रिपोर्ट के मुताबिक, आरोपी सोशल इंजीनियरिंग और टेक फ्रॉड का इस्तेमाल करते थे।
  • वे वैध कस्टमर सर्विस सेंटर्स जैसे कॉल सेंटर बनाते, जहां से विदेशी नागरिकों को कॉल करके कहा जाता कि उनका सिस्टम हैक हो गया है।
  • इसके बाद उन्हें एक फर्जी वेबसाइट पर पैसे ट्रांसफर करने के लिए कहा जाता था।
  • CBI ने बताया कि इस रैकेट का नेटवर्क बेहद संगठित और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय था।

क्या अब खत्म होगा टेक सपोर्ट स्कैम का नेटवर्क?

  • CBI के इस ऑपरेशन ने एक बड़ा मैसेज दिया है कि भारत अब अंतरराष्ट्रीय साइबर अपराधियों के खिलाफ भी सख्त है।
  • अब तक कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 6 आरोपी न्यायिक हिरासत में हैं।
  • जांच एजेंसी ने इस पूरे केस की चार्जशीट भी दाखिल कर दी है।

 

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