ड्रैगन को करारा जवाब: बॉर्डर पर तेजी से सड़कें बना रहा है इंडिया, रक्षा राज्य मंत्री ने बताया पूरा डेटा और प्लान

Published : Aug 05, 2023, 03:07 PM ISTUpdated : Aug 05, 2023, 03:12 PM IST
India China border

सार

चीन से लगी सीमा पर भारत तेजी से सड़कें, पुल, सुरंग और हेलीपैड जैसे इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास कर रहा है। इससे जंग जैसी स्थिति में सैनिकों को तेजी से मोर्चे पर तैनात करने में मदद मिलेगी।

नई दिल्ली। सीमा विवाद (India China border dispute) के चलते काफी वक्त से भारत और चीन के रिश्ते सामान्य नहीं हैं। सीमा पर दोनों ओर से सैनिकों की भारी तैनाती है। भारत एक और सैनिकों और हथियारों को सीमा पर तैनात कर चीन की चुनौती का जवाब दे रहा है। दूसरी ओर सीमा क्षेत्र में तेजी से सड़कें बनाई जा रहीं है ताकि जरूरत पड़ने पर तेजी से सैनिकों और हथियारों को मोर्चे पर पहुंचाया जा सके।

आजादी के बाद चीन से लगती सीमा पर भारत की ओर सड़कों और पुलों का उतना निर्माण नहीं किया गया, जितनी जरूरत थी। दूसरी ओर चीन सीमा के पास तेजी से इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलप करता गया। इससे चलते चीन को बढ़त मिल रही थी। नरेंद्र मोदी पीएम बने इसके बाद सीमा क्षेत्र (खासतौर पर चीन से लगी सीमा) में तेजी से निर्माण कार्य हुए। सड़कें, पुल और सुरंग बनाए गए। इससे ड्रैगन (चीन) को करारा जवाब मिला है।

सीमा क्षेत्र में तेजी से बिछ रहा सड़कों का जाल

रक्षा राज्य मंत्री अजय भट्ट ने संसद में एक प्रश्न का लिखित उत्तर दिया है। इससे पता चला है कि भारत सरकार चीन से लगी सीमा पर किस तेजी से सड़कों का जाल बिछा रही है। मंत्री ने संसद में बताया है कि रक्षा मंत्रालय के तहत काम करने वाले सीमा सड़क संगठन ने पिछले तीन वर्षों में चीन की सीमा से लगती 60 प्रतिशत से अधिक सड़कों का निर्माण किया है।

अरुणाचल प्रदेश में बनाई गईं सबसे अधिक सड़कें

अजय भट्ट द्वारा दिए गए आंकड़े के अनुसार सबसे अधिक सड़कें अरुणाचल प्रदेश में बनाई गईं हैं। यहां 507.14 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई गईं हैं। वहीं, लद्दाख में 453.59 किलोमीटर और उत्तराखंड में 343.56 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई गईं हैं। सिक्किम में 164.95 किलोमीटर और हिमाचल प्रदेश में 40.23 किलोमीटर लंबी सड़कों को निर्माण हुआ है।

यह भी पढ़ें- 24,470 करोड़ खर्च कर 508 रेलवे स्टेशन को हाईटेक बनाएगी मोदी सरकार, PHOTOS देखें कैसे नजर आएंगे ये 9 स्टेशन

पिछले तीन सालों में पाकिस्तान से लगती सीमा क्षेत्र में भी सड़कों का निर्माण किया गया है। जम्मू-कश्मीर में 443.94 किलोमीटर और राजस्थान में 311.14 किलोमीटर लंबी सड़कों का निर्माण किया गया है। सीमा सड़क संगठन द्वारा तीन साल में कुल मिलाकर 2445.54 किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई गईं हैं।

यह भी पढ़ें-आर्टिकल 370 से मुक्ति के बाद 4 साल में कश्मीर में आए क्या बदलाव, जानें कैसे शांति से हो रहा विकास

पूर्वी लद्दाख में LAC (Line of Actual Control) पर 2020 में भारत और चीन के बीच सैन्य गतिरोध हुआ था। इसके बाद से दोनों देशों ने सैनिकों को सीमा पर तैनात कर रखा है। ऐसे में भारत ने सीमा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे के निर्माण पर जोर दिया है। सड़कों के साथ पुल, सुरंगें, सैनिकों के लिए आवास और हेलीपैड भी बनाए जा रहे हैं। इससे सीमाओं पर तेजी से सैनिकों की आवाजाही की सुविधा मिली है। इसके साथ ही स्थानीय आबादी को भी लाभ हो रहा है।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

Earthquake Today: भारत-म्यांमार सीमा के पास तगड़ा भूकंप, कोलकाता तक महसूस हुए झटके
नोएडा की डॉ. अंजना सिंह सेंगर ने श्रीलंका में जीता एशिया आइकॉन अवॉर्ड, हिंदी साहित्य को मिली ग्लोबल पहचान