Amit Shah On Manipur Violence. केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मणिपुर हिंसा मामले पर अपनी बात रखते हुए कहा कि मणिपुर हिंसा के दौरान पीएम मोदी की संवेदनशीलता ऐसी थी कि वे रात के 3 बजे फोन करके मुझे उठा देते थे। फिर सुबह साढ़े 6 बजे भी फोन किया और विपक्ष के लोग कहते हैं कि पीएम मोदी मणिपुर की हिंसा पर कुछ नहीं बोलते हैं।
अमित शाह ने बताया सरकार ने क्या-क्या कदम उठाए
गृहमंत्री अमित शाह ने विपक्ष को मणिपुर हिंसा पर करारा जवाब देते हुए कहा कि हिंसा के दौरान लगातार 3 दिनों तक हमने यहां से काम किया। 16 वीडियो कांफ्रेंसिंग की गईं। सीआरपीएफ की 30 हजार फोर्स मणिपुर पहुंचाने का काम किया। वायुसेना के विमानों का उपयोग किया गया। चीफ सेक्रेटरी बदला गया, डीजीपी बदल दिया गया। चीफ सेक्रेटरी भारत सरकार ने भेजा, सुरक्षा सलाहकार भारत सरकार ने भेजा, डीजीपी भारत सरकार ने भेजा और यह सब 4 मई को किया गया। हिंसा के अगले ही दिन हमने यह कदम उठाए और ये कहते हैं कि 356 क्यों नहीं लगाया।
मणिपुर की नस्लीय हिंसा पर विपक्ष कर रही राजनीति
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मणिपुर हिंसा पूरी तरह से परिस्थितिजन्य नस्लीय हिंसा है और इस पर किसी को भी राजनीति नहीं करनी चाहिए। सरकार के प्रयासों से राज्य में शांति बहाली की जा रही है और विपक्ष उस आग में घी डालने का काम कर रहा है। शाह ने कहा कि जब राहुल गांधी वहां गए तो हमने पूरी सुरक्षा के साथ कहा कि हेलीकॉप्टर से जाइए, तब उन्होंने कहा नहीं हम तो सड़क से जाएंगे। फिर 3-4 घंटे घूमकर अगले दिन हेलीकॉप्टर से गए। पहले ही दिन चले जाते। शाह ने कई बातों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा। गृहमंत्री ने कहा कि यूपीए शासनकाल में वहां ब्लॉकेज लगाए जाते थे, नाकेबंदी होती थी। पेट्रोल का भाव 1200 रुपए लीटर तक पहुंच जाता था लेकिन हमने वहां रेल पहुंचाने का काम किया है। मैतेई हो या फिर कूकी एरिया, कोई भी वहां नहीं जाना चाहता था।
यह भी पढ़ें
Manipur Violence पर अमित शाह ने सदन और पूरे देश को दिया हर सवाल का जवाब- 12 प्वाइंट
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.