
Parliament Monsoon Session. 20 जुलाई से संसद के मानसून सत्र की शुरुआत हुई। मणिपुर हिंसा को लेकर हुए हंगामे के चलते पहले दिन लोकसभा और राज्यसभा में काम नहीं हुआ। विपक्ष द्वारा सबसे पहले मणिपुर हिंसा पर चर्चा की मांग की गई। मांग पूरी नहीं होने पर विपक्षी सदस्यों ने हंगामा किया। इसके राज्यसभा की कार्यवाही को पहले दोपहर 12 बजे तक के लिए स्थगित किया गया। 12 बजे कार्यवाही शुरू हुई तो फिर हंगामा होने लगा इसके बाद सदन को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित करना पड़ा। दो बजे सदन की कार्यवाही शुरू हुई तो फिर से हंगामा शुरू हो गया। इसके बाद सदन को शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। इसी तरह हंगामे के चलते लोकसभा की कार्यवाही को पहले दोपहर दो बजे फिर शुक्रवार 11 बजे तक के लिए स्थगित किया गया।
पीएम मोदी ने मणिपुर हिंसा पर दिया बयान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मणिपुर में हिंसा और वायरल वीडियो को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि बेटियों के साथ अत्याचार करने वाले किसी भी हाल में बख्शे नहीं जाएंगे। वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी मणिपुर के मुख्यमंत्री से बात की है। सरकार के सूत्रों की मानें तो केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मणिपुर हिंसा को लेकर संसद में बयान दे सकते हैं। वहीं विपक्ष ने भी सरकार को घेरने रणनीति बना ली है। विपक्षी दलों ने 19 जुलाई को मीटिंग करके संसद सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों पर रणनीति बना ली है।
क्या है केंद्र सरकार की तैयारी
20 जुलाई से शुरू हुए संसद के मॉनसून सत्र में केंद्र सरकार कुल 31 विधेयक पेश करने की तैयारी कर चुकी है। यह मॉनसून सत्र 20 जुलाई से शुरू हुआ है और 11 अगस्त 2023 तक चलेगा। इस दौरान केंद्र की मोदी सरकार 17 दिनों में 31 विधेयक सदन में रखेगी। खास बात ये है कि इसमें दिल्ली के बहुचर्चित ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ा अध्यादेश भी शामिल है। साथ ही पूर्ण सत्र के दौरान 17 बैठकें भी प्रस्तावित हैं। मानसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक हुई जिसमें 34 दलों के 44 नेताओं ने हिस्सा लिया था।
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