Parliament winter session: सर्वदलीय बैठक में PM Modi नहीं गए, कांग्रेस ने पूछा सवाल, AAP का वॉकआउट

Published : Nov 28, 2021, 02:54 PM IST
Parliament winter session: सर्वदलीय बैठक में PM Modi नहीं गए, कांग्रेस ने पूछा सवाल, AAP का वॉकआउट

सार

कृषि कानूनों को निरस्त करने के सरकारी विधेयक को सोमवार को सत्र के पहले दिन लोकसभा में पेश करने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। उधर, सत्तारूढ़ भाजपा के अलावा मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी अपने सांसदों को उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है।

नई दिल्ली। संसद (Parliament) का शीतकालीन सत्र (winter session) सोमवार से शुरू होने वाला है। सत्र के एक दिन पहले सरकार द्वारा बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में रविवार को पीएम मोदी (PM Modi) शामिल नहीं हुए। सरकार की ओर से सीनियर लीडर राजनाथ सिंह (Rajnath Singh) व पीयूष गोयल (Piyush Goyal) शामिल हुए। कांग्रेस (Congress) ने पीएम मोदी के नहीं आने पर आपत्ति दर्ज कराई है। जबकि आप (AAP) नेता संजय सिंह (Sanjay Singh) ने बोलने से रोके जाने का आरोप लगाते हुए वॉकआउट कर दिया।

खड़गे बोले: पीएम से आशंकाओं का जवाब चाहिए था 

राज्यसभा में कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि हम उम्मीद कर रहे थे कि प्रधानमंत्री बैठक में शामिल होंगे और हमारे साथ कुछ साझा करेंगे। हम कृषि कानूनों के बारे में और पूछना चाहते थे क्योंकि कुछ आशंकाएं हैं कि ये तीन कृषि कानून फिर से किसी अन्य रूप में आ सकते हैं।

आप का आरोप, बोलने से रोका गया

आप नेता संजय सिंह ने यह आरोप लगाते हुए सर्वदलीय बैठक से वॉकआउट कर दिया कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया। श्री सिंह न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर कानून की किसानों की मांग को उठाना चाहते थे। संजय सिंह ने कहा कि सरकार के लोग सर्वदलीय बैठक के दौरान किसी भी सदस्य को बोलने नहीं देते। मैंने संसद के इस सत्र में एमएसपी गारंटी पर कानून लाने और बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र के विस्तार आदि सहित अन्य मुद्दों को उठाया। वे हमें नहीं बोलने देते हैं। 

विपक्ष चाहता है इन मुद्दों पर चर्चा

सर्वदलीय बैठक में विपक्ष के अधिकतर दलों ने यह साफ किया कि सरकार सदन में पेगासस जासूसी, महंगाई, बेरोजगारी, किसानों के मुद्दे पर चर्चा कराए। 

सरकार पेश करेगी कृषि कानूनों का निरस्तीकरण विधेयक

एक साल से आंदोलित किसानों के आगे सरकार ने झुकने का फैसला किया है। गुरु पर्व पर पीएम मोदी ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेने का ऐलान करते हुए किसानों से माफी भी मांगी थी। बीते बुधवार को मोदी कैबिनेट ने कानूनों की वापसी को लेकर फैसला लिया। सोमवार से शुरू हो रहे सत्र में सरकार की ओर से वापसी के लिए बिल लाया जाएगा। कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर बिल पेश करेंगे। बीजेपी ने अपने सभी सांसदों को उपस्थित रहने का व्हिप जारी किया है। कृषि कानूनों को निरस्त करने के सरकारी विधेयक को सोमवार को सत्र के पहले दिन लोकसभा में पेश करने और पारित करने के लिए सूचीबद्ध किया गया है। उधर, सत्तारूढ़ भाजपा के अलावा मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने भी अपने सांसदों को उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी किया है।

सर्वदलीय बैठक में ये नेता रहे मौजूद 

सर्वदलीय मीटिंग में कांग्रेस से मल्लिकार्जुन खड़गे, अधीर रंजन चौधरी और आनंद शर्मा, डीएमके से टीआर बालू और तिरुचि शिवा, राकांपा से शरद पवार, शिवसेना से विनायक राउत, समाजवादी पार्टी के रामगोपाल यादव शामिल थे। जबकि बसपा से सतीश मिश्रा, बीजद से प्रसन्ना आचार्य और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला मौजूद रहे।

किसानों ने संसद मार्च टाला लेकिन चार दिसंबर का अल्टीमेटम

किसान मोर्चा संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक के बाद शनिवार को किसानों ने अपना 'संसद चलो' या 'संसद तक मार्च' का आह्वान टाल दिया। उन्होंने कहा कि वे अपने अगले फैसले की घोषणा करने से पहले 4 दिसंबर तक इंतजार करेंगे। किसानों का कहना है कि जब तक कानून औपचारिक रूप से निरस्त नहीं हो जाते और एमएसपी की कानूनी गारंटी सहित सभी मांगों को पूरा नहीं कर लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

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