
कटरा। जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) के कटरा में स्थित माता वैष्णो देवी भवन में भगदड़ मचने के एक दिन बाद फिर से यात्रा शुरू कर दी गई है। रविवार अहले सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में भक्त माता के दर्शन के लिए कतारों में खड़े दिखे। एक दिन पहले मची भगदड़ से सीख लेते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। भगदड़ मचने के बाद शनिवार को यात्रा रोक दी गई थी।
दरअसल शुक्रवार-शनिवार की दरम्यानी रात करीब 2:30 बजे माता वैष्णो देवी भवन में भगदड़ मच गई थी, जिसके चलते 12 लोगों की मौत हो गई थी और 15 घायल हुए थे। भगदड़ मामले की जांच के लिए हाईलेवल कमेटी गठित कर दी गई है। तीन सदस्यीय हाईलेवल कमेटी एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट देगी। हाई लेवल कमेटी में प्रधान सचिव (होम) शालीन काबरा, जम्मू पुलिस के एडीजी मुकेश सिंह और डिविजनल कमिश्नर राजीव लंगर शामिल हैं।
भगदड़ की पहली दर्दनाक घटना
जम्मू से करीब 50 किलोमीटर की दूरी पर त्रिकूटा पहाड़ी पर स्थित इस धाम पर भगदड़ की यह पहली घटना है। यहां हर साल लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन अनुशासित भीड़ से कभी भगदड़ नहीं मचा था। शुक्रवार-शनिवार की देर रात करीब ढाई बजे मंदिर के गर्भगृह के बाहर गेट नंबर तीन के पास अचानक से भगदड़ मच गई। यहां पर कटरा आधार शिविर से करीब 13 किलोमीटर की दूरी तय कर श्रद्धालु जमा होते हैं।
उप राज्यपाल से लेकर केंद्रीय मंत्री ने लिया जायजा
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने बताया कि भगदड़ की घटना की उच्चस्तरीय जांच का आदेश दिया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह के साथ भगदड़ में धाम पर स्थिति का जायजा लेने पहुंचे जम्मू-कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने कहा कि एक मामूली लड़ाई इस 'दुर्भाग्यपूर्ण' घटना के लिए जिम्मेदार है।
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