
नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 5 जनवरी 2021 को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोच्चि-मंगलुरू प्राकृतिक गैस पाइपलाइन को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। यह पाइपलाइन एक राष्ट्र, एक गैस ग्रिड के निर्माण की दिशा में एक मील का पत्थर होगा। इस मौके पर केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के साथ कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा भी मौजूद रहेंगे।
450 किलोमीटर लंबी है पाइपलाइन
कोच्चि–मंगलुरू प्राकृतिक गैस पाइपलाइन 450 किलोमीटर लंबी है। इसे गेल (इंडिया) लिमिटेड द्वारा बनाया गया है। इसकी क्षमता 12 मिलियन मीट्रिक मानक क्यूबिक मीटर प्रति दिन है और यह कोच्चि (केरल) स्थित तरलीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) के पुनर्गैसीकरण टर्मिनल से एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझीकोड, कन्नूर और कासरगोड जिले होते हुए मंगलुरु (दक्षिण कन्नड़ जिला, कर्नाटक) तक प्राकृतिक गैस ले जाएगी।
इस परियोजना की कुल लागत लगभग 3000 करोड़ रूपए थी और इसके निर्माण में 12 लाख से अधिक मानव-दिवस के बराबर के रोजगार मिले। इंजीनियरिंग की दृष्टि से इस पाइपलाइन को बिछाना एक चुनौती थी क्योंकि इस पाइपलाइन का अपने मार्ग में 100 से अधिक स्थानों पर जल निकायों को पार करना जरूरी था। इसे विशेष तकनीक के जरिए पूरा किया गया।
मिलेगा आम लोगों को फायदा
इस पाइपलाइन के जरिए आम लोगों के घरों में पीएनजी और सीएनजी गैस के रूप में सस्ते ईंधन की आपूर्ति होगी। यह पाइपलाइन अपने मार्ग में पड़ने वाले जिलों की वाणिज्यिक और औद्योगिक इकाइयों को भी प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करेगी। स्वच्छ ईंधन के उपभोग के जरिए वायु प्रदूषण पर अंकुश लगाते हुए वायु की गुणवत्ता में सुधार करने में मदद मिलेगी।
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