
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 मई को नए संसद भवन (New Parliament Building) का उद्घाटन करेंगे। इस मौके पर सेंगोल को लोकसभा अध्यक्ष के चेयर के पास रखा जाएगा। सेंगोल अंग्रेजों से सत्ता हस्तांतरण का प्रतिक है। इसे पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के हाथ में भारत की सत्ता के प्रतिक के रूप में सौंपा गया था। अब कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा सेंगोल के खिलाफ भी बात की जा रही है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस मामले में ट्वीट कर कांग्रेस पर पलटवार किया है। उन्होंने ट्वीट किया, "कांग्रेस पार्टी भारतीय परंपराओं और संस्कृति से इतनी नफरत क्यों करती है? भारत की स्वतंत्रता के प्रतीक के रूप में तमिलनाडु के पवित्र शैव मठ द्वारा पंडित नेहरू को सेंगोल दिया गया था। कांग्रेस ने इसे चलने के दौरान इस्तेमाल की जाने वाली छड़ी (walking stick) बताकर संग्रहालय में भेज दिया था। शैव मठ थिरुवदुथुराई अधीनम ने सेंगोल के ऐतिहासिक महत्व के बारे में बताया है। अब कांग्रेस थिरुवदुथुराई अधीनम के इतिहास को झूठा बता रही है। कांग्रेस को अपने व्यवहार पर विचार करने की जरूरत है।"
जेपी नड्डा बोले- परिवारवादी पार्टियां कर रहीं नए संसद भवन के उद्घाटन का बहिष्कार
दूसरी ओर भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा ने ट्वीट किया, "नए संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बहिष्कार करने वाली अधिकतर पार्टियों को क्या बात जोड़ती है? जवाब आसान है। ये पार्टियां एक परिवार द्वारा चलाई जा रहीं हैं। इनकी राजशाही पद्धति हमारे लोकतंत्र के सिद्धांतों के विपरीत है।"
नड्डा ने ट्वीट किया, "संसद के उद्घाटन का बहिष्कार कर रही पार्टियों में लोकतंत्र के प्रति प्रतिबद्धता नहीं है। उनका उद्देश्य राजवंशों के चुनिंदा समूह को कायम रखना है। इस तरह का रवैया हमारे संविधान निर्माताओं का अपमान है।
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