
कोलकाता। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ बीजेपी ने कैंडिडेट फाइनल कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट की वकील प्रियंका टिबरेबाल को बीजेपी ने प्रत्याशी बनाया है। ममता बनर्जी भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव लड़ रही हैं।
कांग्रेस नहीं उतारेगी ममता के खिलाफ प्रत्याशी
भवानीपुर विधानसभा क्षेत्र से उपचुनाव लड़ रहीं ममता बनर्जी के खिलाफ कांग्रेस ने प्रत्याशी नहीं उतारने का ऐलान किया है। ऐसे में माना जा रहा है कि टीएमसी प्रत्याशी ममता बनर्जी और बीजेपी की प्रियंका टिबरेवाल के बीच मुख्य मुकाबला होगा।
परंपरागत सीट छोड़ ममता बनर्जी लड़ी थीं नंदीग्राम से
दरअसल, बीते विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने अपनी परंपरागत सीट को छोड़कर नंदीग्राम से चुनाव लड़ा था। उनका मुकाबला पूर्व सहयोगी और बाद में बीजेपी में गए शुभेंदु अधिकारी से था। पूरे राज्य में टीएमसी को प्रचंड बहुमत मिला लेकिन वह नंदीग्राम से हार गईं।
अब उपचुनाव के माध्यम से जाएंगी विधानसभा
पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के लिए उपचुनाव बेहद महत्वपूर्ण है। अगर वह यह चुनाव नहीं जीतती हैं तो उनका मुख्यमंत्री पद खतरे में पड़ जाएगा और इस्तीफा देना पड़ सकता है। ऐसे में उनकी विपक्षी बीजेपी किसी भी सूरत में भवानीपुर उपचुनाव में ममता बनर्जी की राह को मुश्किल करने की कोशिश करेगी।
कौन हैं प्रियंका टिबरेवाल?
प्रियंका टिबरेवाल अगस्त 2020 से पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष हैं। बीजेपी ने उनको भवानीपुर सीट पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी के खिलाफ प्रत्याशी बनाया है।
प्रियंका ने 2014 में बीजेपी जॉइन किया था और 6 साल बाद 2020 में इन्हें बंगाल में भारतीय जनता युवा मोर्चा का उपाध्यक्ष बनाया। प्रियंका बीजेपी में आने से पूर्व भी चुनाव लड़ चुकी हैं।
सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट में करती हैं प्रैक्टिस
प्रियंका टिबरेवाल पेशे से वकील हैं। वह सुप्रीम कोर्ट और कलकत्ता हाई कोर्ट में वकालत करती हैं। इनका जन्म 7 जुलाई 1981 को कोलकाता में हुआ था। इनकी स्कूली पढ़ाई कोलकाता से हुई थी जबकि ग्रेजुएशन इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से किया। हालांकि लॉ की पढ़ाई के लिए ये वापस कोलकाता आ गईं और हाजरा कॉलेज से अपनी कानून की पढ़ाई पूरी की
बीजेपी प्रत्याशी के रूप में हार का सामना कर चुकी
प्रियंका टिबरेवाल पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में एंटल्ली सीट से बीजेपी प्रत्याशी थीं। लेकिन उनको हार का सामना करना पड़ा था। प्रियंका को टीएमसी के स्वर्ण कमल साहा को हराया था। प्रियंका ने 2015 में बीजेपी के टिकट पर म्युनिसिपल काउंसिल का भी चुनाव लड़ा था, लेकिन दुर्भाग्य से उन्हें यहां भी टीएमसी उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा था।
बंगाल हिंसा मामले में सरकार के खिलाफ खोल चुकी हैं मोर्चा
पेशे से वकील प्रियंका टिबरेवाल कोर्ट में भी अपनी पार्टी का पक्ष रखती रही हैं। इन्होंने ही पश्चिम बंगाल चुनाव के बाद हुई हिंसा को लेकर कलकत्ता हाई कोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इसके अलावा प्रियंका ने पश्चिम बंगाल हिंसा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में कैविएट भी दाखिल किया था।
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