
RSS on PFI violence: आरएसएस के वरिष्ठ नेता इंद्रेश कुमार ने पीएफआई पर एनआईए की कार्रवाई को सही बताया है। केरल में इस्लामिक ग्रुप द्वारा बुलाई गई हड़ताल के दौरान हिंसा की घटनाओं पर उन्होंने कहा कि संघ को भी अतीत में प्रतिबंधित किया गया था लेकिन संघ ने कभी भी हिंसा का रास्ता अख्तियार नहीं किया। विरोध का रास्ता कभी हिंसा नहीं हो सकता। उन्होंने संघ प्रमुख मोहन भागवत की इमाम संघ के चीफ से मुलाकात पर विपक्षियों को जवाब देते हुए कहा कि मोहन भागवत का एक मस्जिद जाना और इमामों के एक संगठन के प्रमुख के साथ उनकी मुलाकात संगठन की लाइन से अलग नहीं है।
पीएफआई पर कार्रवाई उसके ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर
संघ नेता इंद्रेश कुमार ने कहा कि पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) पर कार्रवाई उसके ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर एनआईए कर रही है। लेकिन इस कार्रवाई के खिलाफ पीएफआई की हिंसक प्रतिक्रिया साबित करती है कि उन लोगों को विनम्रता, शांति और संविधान में विश्वास नहीं है। हिंसात्मक आंदोलन साबित कर रहा है कि वह भारत की एकता और अखंडता में विश्वास नहीं करते हैं।
मंगलवार को आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार, तीन मूर्ति चौक पर 104वें हाइफा विजय दिवस के अवसर पर एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात कर रहे थे। उन्होंने एनआईए की कार्रवाई को सही बताया। कहा पीएफआई पर कार्रवाई उसके ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर किया जा रहा है न कि उसके राजनीतिक दल को आधार मानकर। उन्होंने कहा कि पीएफआई, कश्मीर में आतंकवादियों और छत्तीसगढ़ के आदिवासी इलाकों में नक्सलियों के खिलाफ कार्रवाई हमेशा उचित है। सभी को एक साथ आना चाहिए और इन हिंसक राष्ट्र विरोधी ताकतों को खारिज करने के लिए सरकार के साथ खड़ा होना चाहिए। इंद्रेश कुमार ने कहा कि संविधान, लोकतंत्र, मानवता और भारतीयता की रक्षा के लिए सरकार की कार्रवाई बेहद जरूरी है और सबको इसमें सहयोग व समर्थन देना चाहिए।
मोहन भागवत का इमाम संघ के अध्यक्ष से मुलाकात संघ लाइन से अलग नहीं
इंद्रेश कुमार ने मोहन भागवत के अखिल भारतीय इमाम संघ के अध्यक्ष से मुलाकात को सही बताते हुए यह कहा कि यह किसी भी स्थिति में संघ की लाइन या विचारधारा के विपरीत नहीं है। न ही संघ ने अपनी विचारधारा को बदली है। उन्होंने इस मुलाकात को कांग्रेस पार्टी की भारत जोड़ो यात्रा के प्रभाव की वजह के कारण बताने पर भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने संघ की लाइन को गलत समझा है और उसे इसके लिए पश्चाताप करना चाहिए। उन्होंने कहा कि संघ की लाइन में कोई बदलाव नहीं आया है। यह पहले जैसा था और भविष्य में भी रहेगा। यह शाश्वत है। लोगों ने इसे गलत समझा है क्योंकि उन्हें गुमराह किया गया है। गलतफहमी पैदा करने के प्रयास किए गए हैं।
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