यूक्रेन ने Kinzhal को गिराकर निकाली रूसी हाइपरसोनिक मिसाइल के गुब्बारे की हवा, टूट गए ये मिथक

Published : May 27, 2023, 08:25 AM ISTUpdated : May 27, 2023, 08:26 AM IST
Kinzhal

सार

अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम पैट्रियट ने रूसी हाइपरसोनिक मिसाइल के गुब्बारे की हवा निकाल दी है। इसके साथ ही कई मथक भी टूट गए हैं। 

(गिरीश लिंगन्ना) रूस और यूक्रेन के बीच एक साल से अधिक समय से जंग चल रही है। इस जंग में रूस और अमेरिका व पश्चिमी देशों के हथियार एक दूसरे का मुकाबला कर रहे हैं। ऐसा ही जंग मिसाइल और एयर डिफेंस सिस्टम को लेकर है। रूस ने कई हाइपरसोनिक मिसाइल (हवा में आवाज की गति से कई गुना तेज रफ्तार) बनाए। प्रचार किया कि कोई भी एयर डिफेंस सिस्टम इन मिसाइलों को रोक नहीं सकता। अमेरिकी एयर डिफेंस सिस्टम पैट्रियट ने रूसी हाइपरसोनिक मिसाइल के गुब्बारे की हवा निकाल दी है। इसके साथ ही कई मथक भी टूट गए हैं।

यूक्रेन ने अमेरिका से मिले पैट्रियट से रूसी किंजल मिसाइल (Russian Kinzhal missile) को मार गिराया है। पहले किंजल मिसाइल को पैट्रियट से हवा में नष्ट किया गया तो रूसी मीडिया ने इसे गलत खबर बताया। इसके बाद 12 दिनों में यूक्रेनी बलों ने पैट्रियट की मदद से छह और किंजल मिसाइलों को गिरा दिया।

किंजल मिसाइल गिराये जाने के साथ टूट गए ये मिथक

1- क्या सच में हाइपरसोनिक है किंजल: हाइपरसोनिक मिसाइल उन मिसाइलों को कहा जाता है जिनकी रफ्तार मैक 5 (हवा में आवाज की रफ्तार से पांच गुना तेज गति) तक पहुंचती है। यूक्रेन ने जिस तरह किंजल मिसाइलों को गिराया है, उससे यह सवाल उठ रहे हैं कि क्या यह सच में हाइपरसोनिक है।

2-हाइपरसोनिक मिसाइल को रोकना असंभव: हाइपरसोनिक मिसाइल दो तरह के होते हैं। एक है हाइपरसोनिक ग्लाइड व्हीकल और दूसरा है हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल। अभी जो मिसाइल डिफेंस सिस्टम हैं उनसे इन्हें आम बैलिस्टिक मिसाइल की तुलना में रोकना कठिन होता है। हाइपरसोनिक मिसाइल बनाना बहुत कठिन है। पहले कहा जाता था कि बहुत अधिक तेज रफ्तार के चलते हाइपरसोनिक मिसाइल को वर्तमान एयर डिफेंस सिस्टम से रोकना असंभव है, लेकिन पैट्रियट से जिस प्रकार किंजल मिसाइल को गिराया गया उससे यह साबित हो गया है कि इन्हें रोका जा सकता है।

3- हाइपरसोनिक मिसाइल से बचाव में पिछड़ गया अमेरिका- रूस ने जिस तेजी से हाइपरसोनिक मिसाइलों को बनाया उसके बाद कहा जाने लगा था कि अमेरिका ऐसे मिसाइलों से खुद को बचाने के मामले में पिछड़ गया है। यूक्रेन की घटना ने इस मिथक को तोड़ा है। इससे पता चला है कि अमेरिका हाइपरसोनिक मिसाइल से बचाव के मामले में रूस और चीन से काफी आगे है।

4- हाइपरसोनिक मिसाइल से बिगड़ी सामरिक स्थिरता- चीन और रूस के पास पहले से मजबूत अंतरमहाद्वीपीय बैलिस्टिक मिसाइल (ICBM) प्रणाली है। ये हाइपरसोनिक मिसाइल हैं। अमेरिका को पहले ऐसे मिसाइलों के मामले में पिछड़ा बताया जा रहा था। इससे कहा जा रहा था कि सामरिक स्थिरता बिगड़ गई है। हाइपरसोनिक मिसाइल को गिराए जाने से यह मिथक टूट गया है कि अमेरिका ऐसे मिसाइलों से बचाव के मामले में पीछे है।

 

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