
नई दिल्ली। रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग (Russia Ukraine War) के चलते यूक्रेन में 20 हजार से अधिक भारतीय नागरिक फंस गए थे। इनमें अधिकतर संख्या छात्रों की थी। भारत सरकार ने युद्धग्रस्त देश में फंसे अपने नागरिकों को निकालने के लिए ऑपरेशन गंगा (Operation Ganga) शुरू किया था। अब यह अभियान अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहा है।
22 फरवरी 2022 को विशेष उड़ानें शुरू होने के बाद से अब तक 15900 से अधिक भारतीय नागरिकों को वापस लाया जा चुका है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने जानकारी दी है कि रविवार को यूक्रेन के पड़ोसी देशों से 11 विशेष नागरिक उड़ानें 2135 भारतीयों को लेकर आएंगी। सोमवार को 8 विशेष उड़ानें संचालित होने की उम्मीद है। इसमें से बुडापेस्ट से 5 उड़ानें, सुसेवा से दो उड़ानें और बुखारेस्ट से एक उड़ान शामिल हैं। इन आठ उड़ानों से 1500 से अधिक भारतीयों को घर वापस लाया जाएगा।
ऑपरेशन गंगा का अंतिम चरण शुरू
हंगरी में स्थित भारतीय दूतावास ने रविवार को कहा कि ऑपरेशन गंगा का अंतिम चरण शुरू हो गया है। फंसे हुए छात्र सुबह 10 से 12 बजे के बीच बुडापेस्ट के हंगेरियन सिटी सेंटर पहुंचें। हंगरी में भारतीय दूतावास ने ट्वीट किया, "महत्वपूर्ण घोषणा: भारतीय दूतावास ने आज ऑपरेशन गंगा उड़ानों के अपने अंतिम चरण की शुरुआत की। अपने स्वयं के आवास में रहने वाले सभी छात्रों से अनुरोध है कि वे हंगेरियन सिटी सेंटर राकोस्ज़ी यूटी 90, बुडापेस्ट में सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच पहुंचें।"
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दूसरी ओर यूक्रेन की राजधानी कीव स्थित भारतीय दूतावास ने भी यूक्रेन में अभी भी फंसे भारतीय नागरिकों से आग्रह किया कि वे 'ऑपरेशन गंगा' के तहत निकासी प्रक्रिया के लिए खुद को पंजीकृत करें। दूतावास ने ट्वीट किया, "सभी भारतीय नागरिक जो अभी भी यूक्रेन में रह रहे हैं, उनसे अनुरोध है कि वे संलग्न Google फॉर्म में निहित विवरण तत्काल आधार पर भरें।"
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