
नई दिल्ली। ईशा फाउंडेशन के संस्थापक सद्गुरु (Sadhguru) ने शनिवार को एंटीगुआ और बारबुडा के साथ Save Soil समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया। इस संबंध में सद्गुरु के इंस्टाग्राम पेज पर जानकारी दी गई। इसमें कहा गया कि एंटीगुआ और बारबुडा, डोमिनिका, सेंट लूसिया और सेंट किट्स एंड नेविस की सरकारों के साथ Save Soil एमओयू पर साइन किया गया। यह एक ऐतिहासिक क्षण है। इससे बाकी दुनिया को प्रेरणा मिलेगी।
ईशा फाउंडेशन चला रहा Save Soil आंदोलन
दरअसल, मिट्टी की उर्वरता को बचाने के लिए ईशा फाउंडेशन द्वारा सद्गुरु के नेतृत्व में मिट्टी बचाओ (Save Soil) आंदोलन चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य लोगों में मिट्टी और धरती के प्रति जागरूकता लाना है। आंदोलन का एक मुख्य उद्देश्य दुनिया भर की सरकारों को यह दिखाना है कि उनके नागरिक ऐसी नीतियां चाहते हैं जो पारिस्थितिकी और मिट्टी को पुनर्जीवित करें।
ईशा आउटरीच भारत में सेव सॉयल आंदोलन के साथ भागीदारी कर रही है। वैज्ञानिक, मशहूर हस्तियां, नीति विशेषज्ञ और यहां तक कि राष्ट्राध्यक्ष सहित हजारों प्रतिष्ठित हस्तियां मिट्टी के स्वास्थ्य को बहाल करने और धरती माता के साथ हमारे बंधन को फिर से जगाने के लक्ष्य के साथ एक साथ आ रही हैं।
30,000 किलोमीटर की यात्रा करेंगे सद्गुरु
बता दें कि 3.5 अरब से अधिक लोगों के समर्थन को प्रदर्शित करने के लिए, सद्गुरु 24 देशों में 30,000 किलोमीटर से अधिक की यात्रा बाइक पर करेंगे। यात्रा लंदन में शुरू होगी और दक्षिणी भारत के कावेरी बेसिन में समाप्त होगी। यहां सद्गुरु द्वारा शुरू की गई कावेरी कॉलिंग परियोजना ने अब तक 125,000 किसानों को मिट्टी को पुनर्जीवित करने और कावेरी नदी के घटते पानी को फिर से भरने में मदद करने के लिए 62 मिलियन पेड़ लगाने में सक्षम बनाया है।
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.