
Sanatan Dharma controversial comment: सनातन धर्म को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। तमिलनाडु में डीएमके सरकार के मंत्री उदयनिधि स्टालिन के बाद अब डीएमके सांसद ए राजा ने सनातन धर्म को लेकर विवादित टिप्पणी कर दी है। ए राजा ने कहा कि सनातन धर्म की तुलना केवल मलेरिया या डेंगू नहीं की जानी चाहिए बल्कि इसकी तुलना एचआईवी और सामाजिक कलंक से की जानी चाहिए। ए राजा के नए वायरल वीडियो में वह कहते सुने जा सकते हैं कि अगर उनको अनुमति मिले तो वह सनातन धर्म पर बहस करने को तैयार हैं। ए राजा के पहले उदयनिधि स्टालिन के बयान को कर्नाटक सरकार के मंत्री प्रियांग खड़गे समर्थन देते हुए कह चुके हैं कि जो धर्म मनुष्य को समान रूप से व्यवहार करना नहीं सीखाता उसे धर्म नहीं कहा जा सकता।
क्या कहा उदयनिधि स्टालिन ने?
एक वेबसाइट के अनुसार उदयनिधि स्टालिन, सनातन धर्म मिटाने के लिए आयोजित सम्मेलन (3 Sepetember) में बोल रहे थे। ट्वीटर पर उनके स्पीच का एक वीडियो क्लिप वायरल है। कथित तौर पर उदयनिधि स्टालिन कह रहे है कि सनातन धर्म को खत्म करने के लिए इस सम्मेलन में मुझे बोलने का मौका देने के लिए मैं आयोजकों को धन्यवाद देता हूं। मैं सम्मेलन को 'सनातन धर्म का विरोध' करने के बजाय 'सनातन धर्म को मिटाओ' कहने के लिए आयोजकों को बधाई देता हूं। मंत्री उदयनिध ने कहा कि कुछ चीजें हैं जिनका हमें उन्मूलन करना है और हम केवल विरोध नहीं कर सकते। मच्छर, डेंगू बुखार, मलेरिया, कोरोना, ये सभी चीजें हैं जिनका हम विरोध नहीं कर सकते, हमें इन्हें मिटाना है। सनातनम भी ऐसा ही है। सनातनम को ख़त्म करना और उसका विरोध न करना हमारा पहला काम होना चाहिए। सनातनम क्या है? सनातनम नाम संस्कृत से आया है। सनातनम समानता और सामाजिक न्याय के खिलाफ है। सनातनम का अर्थ 'स्थायित्व' के अलावा और कुछ नहीं है, जिसे बदला नहीं जा सकता। कोई भी सवाल नहीं उठा सकता। सनातनम का यही अर्थ है।
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