उप्र- पंजाब समेत 3 राज्यों में 7 महीने बाद खुले स्कूल, बच्चों को स्कूल भेजने से पहले जान लें ये नियम

Published : Oct 19, 2020, 10:51 AM ISTUpdated : Oct 19, 2020, 11:00 AM IST
उप्र- पंजाब समेत 3 राज्यों में 7 महीने बाद खुले स्कूल, बच्चों को स्कूल भेजने से पहले जान लें ये नियम

सार

कोरोना महामारी के बीच उत्तर प्रदेश, पंजाब और सिक्किम में 7 महीने बाद आज से स्कूल खोल दिए गए हैं। हालांकि, इन राज्यों में अभी सिर्फ कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को ही स्कूल जाने की अनुमति है। कोरोना को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों ने स्कूलों के लिए गाइडलाइन जारी की है।

नई दिल्ली. कोरोना महामारी के बीच उत्तर प्रदेश, पंजाब और सिक्किम में 7 महीने बाद आज से स्कूल खोल दिए गए हैं। हालांकि, इन राज्यों में अभी सिर्फ कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को ही स्कूल जाने की अनुमति है। कोरोना को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकारों ने स्कूलों के लिए गाइडलाइन जारी की है। उत्तर प्रदेश में सिर्फ 3 घंटे ही स्कूल चलेगा। जबकि पंजाब में भी उप्र की तरह स्कूल अभिभावकों की सहमति के बाद ही खुल सकेंगे। 

केंद्र की ओर से जारी दिशा निर्देश

  • स्कूल खोलने के फैसले का अधिकार राज्यों का होगा। राज्य अपनी स्थिति के मुताबिक स्कूल खोल सकते हैं।
  • स्कूल को इमरजेंसी केयर सपोर्ट टीम, जनरल सपोर्ट टीम, हाईजीन इंस्पेक्शन जैसी टास्क टीम बनानी होंगी।
  • स्कूलों को राज्यों की गाइडलाइन्स के मुताबिक, सुरक्षा और सोशल डिस्टेंसिंग को ध्यान में रखते हुए अपनी एसओपी तैयार करनी होगी। 
  • अभिभावकों की सहमति के बाद स्कूल खोले जा सकेंगे। जो अभिभावक चाहते हैं कि उनका बच्चा घर से पढ़े, उसकी भी अनुमति दी जाएगी। 
  • सीटिंग प्लान बनाते वक्त सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखना होगा। किसी भी प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन नहीं होगा। सभी छात्रों और स्टाफ को मास्क पहनना होगा। खासकर क्लास में या कोई गतिविधि करते वक्त (लैब या लाइब्रेरी में)। 
     

 
उप्र के गोरखपुर में स्कूल खुलने के बाद पहुंचे छात्र (फोटो-एएनआई)

उत्तर प्रदेश : इन दिशानिर्देशों का सबको करना होगा पालन

  • स्कूलों में सोशल डिस्टेंसिंग का पूरी तरह से पालन करना होगा। सैनिटाइजेशन की व्यवस्था करनी होगी।
  • स्कूल अभिभावकों की सहमति के बाद ही खोले जा सकेंगे। 
  • छात्र पर स्कूल आने के लिए दबाव नहीं डाला जाएगा। अटेंडेंस संबंधी नियमों में छूट देनी होगी। 
  • सिर्फ 50% बच्चे ही स्कूल आ सकेंगे। 
  • स्कूल दो पालियों में चलेंगे। पहली पाली में 9वीं और 10वीं के बच्चे और दूसरी पाल में 11वीं और 12वीं के बच्चों को आने की अनुमति होगी।
  • कंटेन्मेंट जोन में रहने वाले शिक्षकों और बच्चों, स्टाफ इत्यादि को स्कूल आने की अनुमति नहीं होगी।
  • बेंच पर सिर्फ एक ही बच्चा बैठ पाएगा। 
  • किसी भी स्टाफ, शिक्षक या छात्र को बुखार या सर्दी-खास के हो या लक्ष्ण हो तो उसे प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया जाएगा।
  • सभी के लिए मास्क पहनना जरूरी है। 
     


पंजाब में मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग के साथ पढ़ाई करते छात्र। 

 पंजाब: ऐसी है गाइडलाइन

  •  पंजाब में कंटेनमेंट जोन से बाहर की 9-12 तक की कक्षाओं को खोला जाएगा। 
  • ऑनलाइन लर्निंग को वरीयता दी जाएगी।
  • बच्चों को स्कूल में उपस्थित होने के लिए दबाव नहीं बनाया जा सकेगा।
  • स्कूल में बच्चों को बुलाने के लिए अभिभावकों की सहमति लेना जरूरी। 
  • अगर बच्चा ऑनलाइन क्लास करना चाह तो स्कूल को अनुमति देनी होगी। 

 सिक्किम : सिर्फ 9-12 तक खुले स्कूल

  • सिक्किम ऐसा तीसरा राज्य है जहां कल से स्कूल खुलने जा रहे हैं। 
  • उत्तर प्रदेश और पंजाब की तरह यहां भी केवल कक्षा 9 से 12 तक के छात्रों के लिए स्कूल खोले जा रहे हैं।
  • स्कूल खोलने से पहले अभिभावकों से लिखित मंजूरी लेनी होगी।
  • कक्षा 6-8 तक के स्कूल 2 नवंबर से और कक्षा 3-5 तक के स्कूल 23 नवंबर से खुलेंगे।
  • सर्दियों की छुट्टियों को खत्म कर दिया गया है।
  • सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क जैसे नियम अनिवार्य किए गए हैं। 
     

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