
नेशनल न्यूज। भारत चांद तक पहुंच गया है लेकिन आज भी यहां कुछ रूढ़ीवादी परंपराएं खत्म होने का नाम नहीं ले रही हैं। सख्त कानून के बाद भी इन समस्याओं से निजाद नहीं मिल पा रही है। हम बात कर रहे हैं बाल विवाह की। इंडिया चाइल्ड प्रोटेक्शन टीम की स्टडी रिपोर्ट में सामने आया है कि बारत में हर मिनट तीन नाबालिग लड़कियों का बाल विवाह किया जा रहा है। इसके बाद भी शिकायतों के मामलों में यह काफी पीछे हैं। 2022 में रोजाना बाल विवाह के तीन मामले दर्ज किए गए हैं।
असम में बाल विवाह के केस में गिरावट
बाल विवाह के मामले में कमी लाने के लिए असम सरकार ने सख्ती बरतने के साथ जागरूकता फैलाई है। स्टडी रिपोर्ट में जनगणना 2011, एनआरबी और राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण वर्ष 2019-21 से अपनी स्टडी रिपोर्ट तैयार की है। इस अध्ययन में उसने असम में बाल विवाह को लेकर गहनता से रिसर्च किया है। असम में बाल विवाह के मामले में 81 फीसदी की गिरावट देखी गई है।
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असम में बाल विवाह में तीन हजार से अधिक गिरफ्तारियां
असम में 2021-22 और 2023-24 के बीच प्रदेश के 20 जिलों में 1132 गांवों में बाल विवाह को लेकर लोगों में जागरूकता आई है। 2021-22 में 3225 बाल विवाह के मामले थे जो कि 2023-24 में घटकर 627 हो गए हैं। इस मामले में करीब 3 हजार से अधिक गिरफ्तारियां भी हुई है।
हर साल 16 लाख 21 हजार बाल विवाह भारत में
भारत में बाल विवाह के आंकड़े सुनकर आपके होश उड़ जाएंगे। 2011 की जनगणना के अनुमान के मुताबिक हर साल करीब 16 लाख 22 हजार 257 बाल विवाह भारत में हो रहे हैं। राष्ट्रीय स्वास्थ्य परीक्षण के आंकड़ों के मुताबिक 23 फीसदी से अधिक लड़कियों की शादी 18 वर्ष से पहले हो जा रही है। देश में बाल विवाह के 92 फीसदी केस आज भी पेंडिंग पड़े हैं जबकि 11 फीसदी में दोष सिद्ध हुआ है।
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