शिवसेना चुनाव चिह्न मामला: सुप्रीम कोर्ट से शिंदे गुट को राहत, चुनाव आयोग के फैसले पर नहीं लगी रोक

Published : Feb 22, 2023, 03:59 PM ISTUpdated : Feb 22, 2023, 05:10 PM IST
Supreme Court

सार

सीएम एकनाथ शिंदे को शिवसेना पार्टी के नाम (Shiv Sena party name and symbol) और चुनाव चिह्न (धनुष और तीर) देने के चुनाव आयोग के आदेश के खिलाफ उद्धव ठाकरे द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई।

नई दिल्ली। शिव सेना पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न (धनुष और तीर) छिन जाने के खिलाफ शिवसेना के उद्धव ठाकरे गुट द्वारा लगाई गई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। कोर्ट से शिंदे गुट को राहत मिली है। उद्धव गुट की ओर से चुनाव आयोग के फैसले पर रोक लगाने की मांग की थी। कोर्ट ने स्टे लगाने से इनकार कर दिया।

चुनाव आयोग ने शिवसेना पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के गुट को आवंटित किया है। उद्धव ठाकरे गुट ने चुनाव आयोग के इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने मामले में सुनवाई की। कोर्ट में उद्धव गुट का पक्ष वकील कपिल सिब्बल ने रखा। वहीं, शिंदे गुट की ओर से एनके कॉल ने बात रखी। एनके कॉल ने कोर्ट में कहा कि उद्धव गुट को पहले हाईकोर्ट जाना चाहिए। उनका सीधे सुप्रीम कोर्ट आना गलत है।

जवाब देने के लिए कोर्ट ने दिया दो सप्ताह समय
सुप्रीम कोर्ट ने एकनाथ शिंदे गुट और उद्धव ठाकरे गुट को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने याचिका पर जवाब दाखिल करने को कहा है। कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की कि चुनाव आयोग के फैसले पर तत्काल रोक लगा दी जाए। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के आदेश पर रोक लगाने से इनकार किया है। कोर्ट ने कहा कि बिना सभी पक्षों की दलीलें सुने हम इस समय आदेश पर रोक नहीं लगा सकते हैं। कोर्ट ने शिंदे गुट और उद्धव गुट को जवाब दाखिल करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया है।

क्या है मामला?
गौरतलब है कि पिछले साल शिवसेना पार्टी में टूट हुई थी। एकनाथ शिंदे ने अपने समर्थक विधायकों को साथ लेकर बगावत कर दिया था। इसके चलते मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को इस्तीफा देना पड़ा था। बाद में बीजेपी के समर्थन से शिवसेना के एकनाथ शिंदे गुट ने सरकार बनाई थी।

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उस वक्त से शिवसेना के दोनों गुटों के बीच पार्टी का नाम और चुनाव चिह्न को लेकर संघर्ष चल रहा है। यह मामला चुनाव आयोग के पास पहुंचा था। 17 फरवरी को चुनाव आयोग ने फैसला सुनाते हुए शिवसेना का नाम और चुनाव चिह्न एकनाथ शिंदे गुट को आवंटित कर दिया था। चुनाव आयोग के इस फैसले के खिलाफ उद्धव ठाकरे गुट ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई है।

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