
C295 Transport Aircraft manufacturing unit: भारत में C295 Transport Aircraft मैन्युफैक्चरिंग यूनिट की रविवार को आधारशिला रखी जाएगी। टाटा-एयरबस के इस संयुक्त यूनिट का शिलान्यास पीएम नरेंद्र मोदी रखेंगे। गुजरात के वडोदरा में इसका यूनिट की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही सैन्य परिवहन विमानों के निर्माण की क्षमता वाले एक दर्जन देशों की लीग में भारत भी शामिल हो जाएगा। टाटा-एयरबस ने संयुक्त रूप से बताया कि C295 निर्माण निजी क्षेत्र में पहला मेक इन इंडिया एयरोस्पेस कार्यक्रम है। इस प्रोग्राम में निर्माण, अंसेबलिंग, टेस्टिंग, डिलेवरी से लेकर मेंटेनेंस तक शामिल है।
वायुसेना ने किया 56 नई पीढ़ी के C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट का समझौता
भारतीय वायुसेना ने बीते साल 56 नई पीढ़ी के C-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट को खरीदने के लिए 21,935 करोड़ रुपये में समझौता किया था। इन विमानों की आपूर्ति दो तरह से होती। स्पेन की कंपनी एयरबस डिफेंस एंड स्पेस के साथ 56 सी-295 ट्रांसपोर्ट सैन्य परिवहन विमान खरीदने का सौदा 24 सितम्बर 2021 को फाइनल हुआ था। उस समय ही ये तय हो गया था कि अनुबंध पर हस्ताक्षर होने के 48 महीनों के भीतर स्पेन की कम्पनी भारत को 16 विमानों की 'फ्लाइंग मोड' में आपूर्ति करेगी। बाकी 40 विमानों का निर्माण टाटा कंसोर्टियम भारत में ही करेगा।
40 विमानों के निर्माण के लिए यूनिट का पीएम मोदी करेंगे शिलान्यास
टाटा और एयरबस, भारत में बाकी के 40, सी-295 ट्रांसपोर्ट सैन्य परिवहन विमान का निर्माण करेंगे। इसके लिए गुजरात के वडोदरा में यूनिट लगाई जाएगी। वडोदरा के इस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। इन विमानों की आपूर्ति 2031 तक की जाएगी। जबकि 16 विमानों की आपूर्ति अगले 48 महीने में की जानी है। इस संबंध में रक्षा सचिव अजय कुमार ने कहा पहले 16 विमानों की डिलीवरी एयरबस डिफेंस एंड स्पेस (स्पेन) द्वारा सितंबर 2023 से अगस्त 2025 तक फ्लाइट मोड में की जाएगी। शेष 40 का निर्माण बाद में गुजरात के वडोदरा में टाटा-एयरबस कंसोर्टियम फैसिलिटी में किया जाएगा।
सी-295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट के बारे में जानिए
सी-295, 9-टन पेलोड या 71 सैनिकों या 44 पैराट्रूपर्स तक अपने साथ ले जाने में सक्षम है। यह एयरलिफ्टर विमान पहाड़ी इलाके में भी अर्ध-तैयार सतहों से भी टेक-ऑफ और लैंडिंग में माहिर है। क्विक रिस्पांस और सैनिकों या कार्गो के पैरा ड्रॉपिंग के लिए विमान में एक रियर रैंप दरवाजा लगाया गया है। सभी 56 विमानों को स्वदेशी इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट के साथ स्थापित किया जाएगा। ये इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) बनाएगी। परियोजना के तहत भारत में ही डिटेल पार्ट्स, सब-असेंबली और एयरो स्ट्रक्चर के प्रमुख कंपोनेंट असेंबलियों का निर्माण किया जाना है।
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