
नई दिल्ली. यूरोपीय यूनियन (ईयू) सांसद मंगलवार को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर पहुंच गए हैं। इस दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल भी उनके साथ हैं। हालांकि, इस दौरे पर विपक्ष पार्टियों ने बहुत सवाल खड़े किए हैं।
यूरोपीय यूनियन की 28 सांसदों की टीम श्रीनगर पहुंच गई है। कश्मीर रवाना होने से पहले सांसदों ने दिल्ली में अपने होटल से एयरपोर्ट जाने तक एक बस में सफर किया। इसके बाद पूरी टीम श्रीनगर पहुंच चुकी है जहां वह सांसद राज्यपाल सत्यपाल मलिक, स्थानीय अधिकारियों और निवासियों से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा श्रीनगर की मशहूर डल झील का भी दौरा करेंगे।
इससे पहले यूरोपीय सांसदों के डेलिगेशन ने सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से मुलाकात की। मोदी ने सांसदों को संबोधित भी किया। इस दौरान उन्होंने डेलिगेशन को भारत यात्रा के लिए शुभकामनाएं दीं। मोदी ने कहा कि कश्मीर दौरे पर सांसदों को सरकार के विकास और शासन की प्रतिबद्धता दिखाई देगी।
अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल की टीम के घाटी पहुंचने पर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा कि यूरोप के डेलिगेशन का कश्मीर के गाइडेड दौरे पर स्वागत किया जा रहा है, वहीं भारतीय सासंदों के जाने पर प्रतिबंध है।
'कश्मीर में स्थिति सामान्य करने में जुटे'
अजीत डोभाल ने सांसदों से मुलाकात के दौरान उन्हें ऐतिहासिक मुद्दों और अनुच्छेद 370 हटाने के फायदों के बारे में जानकारी दी। डोभाल ने कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू रहते वक्त की स्थिति की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि प्रतिबंधों के बावजूद सरकार ने शिक्षा संस्थानों, अस्पतालों में नागरिकों को कोई परेशानी नहीं आने दी।
5 अगस्त को सरकार ने विशेष राज्य का दर्जा समाप्त किया
मोदी सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर से विशेष राज्य का दर्जा वापस लिया था। इसके बाद से वहां तमाम प्रकार के प्रतिबंध लगाए थे। हालांकि, बाद में सरकार स्थिति को सामान्य करने में जुटी है और स्थिति का जायजा लेते हुए प्रतिबंधों को कम कर रही है।
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