
इलेक्टोरल बॉन्ड डोनर। भारतीय निर्वाचन आयोग ने गुरुवार (14 मार्च) शाम इलेक्टोरल बॉन्ड से जुड़ा डेटा जारी कर दिया है। इस लिस्ट में कई ऐसे नाम है, जिन्होंने राजनीतिक पार्टियों को चंदा देने के लिए पानी की तरह पैसे बहाया है। अगर टॉप 5 डोनर की बात करें तो उन्होंने कुल मिलाकर अप्रैल 2019 और फरवरी 2024 के बीच ₹3,446 करोड़ से अधिक खर्च किया है। इस लिस्ट में सबसे पहला नाम फ्यूचर गेमिंग एंड होटल सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड का नाम आता है, जिन्होंने सबसे ज्यादा 1,368 करोड़ के चुनावी बॉन्ड चुनावी चंदे के तौर पर खर्च किया है।
इस कंपनी को सैंटियागो मार्टिन ऑपरेट करती है। इस आमतौर पर लॉटरी किंग के नाम से जाना जाता है। दिलचस्प बात ये है कि इस कंपनी पर साल 2019 में ED का छापा पड़ा था। इसके अलावा Prevention of Money Laundering Act (PMLA) के कथित उल्लंघन के लिए मई 2023 में कोयंबटूर और चेन्नई में छापे मारे गए थे।
इलेक्टोरल बॉन्ड का दूसरा सबसे बड़े खरीदार मेघा इंजीनियरिंग एंड इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (MEIL) है। इस कंपनी ने इलेक्टोरल बॉन्ड के लिए 891 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इस फर्म की स्थापना 1989 में आंध्र प्रदेश के कृष्णा जिले में 67 वर्षीय पामीरेड्डी पिची रेड्डी द्वारा की गई थी। इसका मुख्यालय हैदराबाद में है। फर्म ने गोदावरी नदी पर कालेश्वरम लिफ्ट सिंचाई परियोजना जैसी कई परियोजनाएं बनाई हैं।
इसके अलावा इस कंपनी की रुचि हाइड्रोकार्बन, सड़क, बिजली, भवन, रक्षा और दूरसंचार में भी है। MEIL कई अन्य प्रमुख परियोजनाओं में भी शामिल रहा है, जिनमें पोलावरम बांध परियोजना, मिशन भागीरथ (तेलंगाना सरकार की पेयजल परियोजना), थूथुकुडी थर्मल पावर परियोजना और जोजिला सुरंग परियोजना शामिल है।
इस कंपनी का नाम टॉप 5 इलेक्टोरल बॉन्ड डोनर में शामिल
इलेक्टोरल बॉन्ड के 3rd टॉप डोनर क्विक सप्लाई चेन प्राइवेट लिमिटेड है, जिसको लेकर दावा किया गया कि इस कंपनी के डायरेक्टर पहले रिलायंस समूह की कंपनी में भी डायरेक्टर रह चुका है। आंकड़ों के मुताबिक अनिल अग्रवाल द्वारा स्थापित इंडस्ट्रीज समूह वेदांता प्राइवेट लिमिटेड इलेक्टोरल बॉन्ड के 4th टॉप डोनर है। इस कंपनी ने बीते 5 सालों में 400 करोड़ की खरीदारी की है।
ये कंपनी खनन, बिजली सहित कई क्षेत्रों में रुचि रखती है। RP संजीव गोयनका समूह की कंपनी हल्दिया एनर्जी लिमिटेड कंपनी इलेक्टोरल बॉन्ड खरीदने के मामले में 5 वें नंबर पर है। इस कंपनी ने 5 सालों में 377 करोड़ के बॉन्ड खरीदे हैं। कंपनी ने पश्चिम बंगाल के हल्दिया में 600MW का थर्मल पावर प्लांट विकसित किया है, जो कोलकाता और उसके उपनगरों को बिजली की आपूर्ति करता है। कंपनी कोलकाता शहर के वितरण लाइसेंसधारी CESC लिमिटेड को बिजली की आपूर्ति करती है।
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