केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 'एक राष्ट्र-एक चुनाव' को दी मंजूरी, देखें जरूरी प्वाइंट्स

Published : Sep 18, 2024, 03:00 PM ISTUpdated : Sep 18, 2024, 03:41 PM IST
Voting in UP

सार

देश में एक राष्ट्र-एक चुनाव को मंजूरी दे दी गई है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी है। अब लोकसभा और राज्य सभा चुनाव साथ हुआ करेंगे।

नेशनल न्यूज। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने एक राष्ट्र-एक चुनाव को मंजूरी दे दी है। देश में 'एक देश, एक चुनाव' नीति को लागू करने के लिए संविधान में कुछ जरूरी परिवर्तन करने पड़ेंगे। इस नई पॉलिसी के तहत लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हुआ करेगा। एक राष्ट्र एक चुनाव संबंधी विधेयक को शीतकालीन संसद सत्र में पेश किया जाएगा। पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अध्यक्षता वाली समिति ने लोकसभा चुनावों की घोषणा से पहले मार्च में रिपोर्ट प्रस्तुत की थी।

वन नेशन-वन इलेक्शन पॉलिसी लागू करने के लिए कुछ महत्पूर्ण तथ्यों को समझ लेना जरूरी है। इस नीति के लागू करने में कुछ प्रमुख बिंदुओं पर खास ध्यान देना होगा।

पढ़ें तेज रफ्तार से काम कर रही मोदी सरकार 3, 100 दिनों में 15 लाख करोड़ के काम शुरू

इलेक्शन में तालमेल बैठाना: लोकसभा और राज्यों के विधानसभा चुनाव के बीच इस नई नीति के तहत तालमेल बैठाना बहुत जरूरी है ताकि चुनाव प्रक्रिया व्यवस्थित ढंग से चले।  

खर्च में कमी आएगी: देश में यदि एक बार चुनाव कराया जाएगा तो खर्च भी कम आएगा और प्रशासनिक दबाव भी कम रहेगा। इसके साथ ही समय की भी बचत होगी। 

विकास पर फोकस: देश में बार-बार चुनावों के कारण विकास कार्यों पर फोकस नहीं हो पाता है। चुनाव की तैयारियों में ही व्यस्तता बढ़ जाती और काम अटक जाते हैं। एक बार ही चुनाव आयोजित होने पर सरकार विकास कार्यों पर ध्यान दे सकेगी। 

प्रस्ताव की आलोचना: वन नेशन वन इलेक्शन प्रस्ताव को आलोचकों ने संघीयता की भावना के खिलाफ बताया है। ऐसा इसलिए क्योंकि यह संपूर्ण राष्ट्र को एक ही इकाई मानता है। 

लॉजिस्टिक की चुनौती: इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों, कर्मचारियों और संसाधनों को एक साथ उपलब्ध कराना सरकार के सामने बड़ी चुनौती होगी। 

हिस्टोरिकल कॉनटेक्स्ट : भारत में 1951 से 1967 तक लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ ही हुआ करते थे, लेकिन बाद में प्रक्रिया बदल गई। 

समर्थक और आलोचक के विचार: वन नेशन वन इलेक्शन पर समर्थकों का कहना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया सरल होगी, वहीं आलोचक ने इसे  लोकतंत्र के लिए खतरा बताया है।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

2 बच्चों संग रेलवे ट्रैक पर कटी महिला, सुसाइड नोट-पड़ोसियों के बयान सुन पुलिस के हाथ-पांव फूले
Amit Shah vs Rahul Gandhi : सुनो न सुनो... ऐसा क्या बोले राहुल गांधी जो खड़े हो गए अमित शाह