
Cooperative bank fraud: केरल में करुवन्नूर सर्विस कोऑपरेटिव बैंक फ्रॉड मामले में केंद्रीय मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने बड़ा आरोप लगाया है। राजीव चंद्रशेखर ने दावा किया कि करुवन्नूर में गरीबों के पैसे के दुरुपयोग के पक्के सबूत हैं। उन्होंने कहा कि फ्रॉड करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी। यह धोखाधड़ी केवल एक बैंक तक सीमित नहीं है बल्कि पूरे केरल में फैली है।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि यह झूठ है कि ईडी की जांच से आम जनता में चिंता बढ़ रही है। गलत काम करने वालों को दंडित करना जरूरी है। भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं किया जा सकता है। धोखाधड़ी केवल एक बैंक तक ही सीमित नहीं है। राज्य में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार है। ये ग़लत दावे हैं कि सीपीआईएम और भाजपा महत्वपूर्ण मामलों पर लाभकारी शर्तों पर हैं।
फर्जी खबरों के लिए न्यूजक्लिक पर कार्रवाई
राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि न्यूजक्लिक के खिलाफ कार्रवाई फर्जी खबरों पर कार्रवाई का हिस्सा है। यह मीडिया की स्वतंत्रता के खिलाफ नहीं है। यह उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई है जो देश के खिलाफ चीन के हित को लागू करने की कोशिश कर रहे हैं। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर अवैध गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। भारत में काम करने वाले मीडिया को विदेशी देशों के हित के लिए काम नहीं करना चाहिए। केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि न्यूज़क्लिक के खिलाफ कार्रवाई को मीडिया की स्वतंत्रता के खिलाफ समझना गलत है।
क्या है कोआपरेटिव बैंक फ्रॉड केस?
ईडी ने 22 अगस्त को करुवन्नूर सर्विस कोऑपरेटिव बैंक लिमिटेड से 150 करोड़ रुपये से अधिक के फ्रॉड की जांच शुरू कर दी। ईडी ने बेनामी लोगों और लाभार्थियों के ना पर करोड़ों के फ्रॉड के लिए मनी लॉन्ड्रिंग के तहत केस दर्ज कर कई जगहों पर रेड किया। केरल में 5 स्थानों पर तलाशी और छापे मारे गए। पुलिस ने एफआईआर दर्ज करते हुए कहा कि आरोपी सार्वजनिक धन का गबन कर रहे थे। एक ही व्यक्ति को एक ही संपत्ति पर कई बार लोन दिए गए। इन सब आधार पर ईडी ने भी जांच शुरू कर दी।
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