ICMR की रिपोर्ट: जिन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज लगवा ली हैं, उनके अस्पताल में भर्ती होने की आशंका बेहद कम

Published : Jun 25, 2021, 09:29 AM IST
ICMR की रिपोर्ट: जिन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज लगवा ली हैं, उनके अस्पताल में भर्ती होने की आशंका बेहद कम

सार

कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाई जा रही है। 21 जून से वैक्सीनेशन की नई पॉलिसी लागू होने के बाद 4 दिनों में 2.70 करोड़ से अधिक लोगों का वैक्सीनेशन हो चुका है। इस बीच ICMR ने एक रिपोर्ट जारी की है, जिसमें कहा गया है कि जिन लोगों ने वैक्सीन की दोनों डोज लगवा ली हैं, उनके अस्पताल में भर्ती होने की आशंका न के बराबर है।

नई दिल्ली. इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च(ICMR) ने वैक्सीनेशन पर अपनी एक रिपोर्ट जारी की है। इसके अनुसार जिन्होंने वैक्सीन की दोनों डोज लगवा ली हैं, उनके अस्पताल में भर्ती होने की आशंका न के बराबर है। बता दें कि देशभर में 21 जून से वैक्सीनेशन की नई पॉलिसी प्रभावी हो गई। यानी अब केंद्र सरकार ही 18 साल से ऊपर की उम्र के सभी लोगों को फ्री में वैक्सीन लगवा रही है। इस बीच 4 दिनों में (गुरुवार रात 12 बजे तक) 2.70 करोड़ लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। अकेले गुरुवार रात तक 60 लाख से अधिक लोगों को वैक्सीन लगाई गई है। कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए देश में वैक्सीनेशन की रफ्तार बढ़ाई जा रही है।

ओडिशा में लिए गए थे सैम्पल
ICMR ने पिछले दिनों ओडिशा के अलग-अलग हेल्थकेयर सेंटरों से 1 मार्च से 10 जून के बीच 361 लोगों के सैम्पल लिए थे। इसमें से ज्यादातर लोग दोनों डोज लगवा चुके थे। इन सैम्पलों को भुवनेश्वर स्थित ICMR की लैब में जांच के लिए भेजा गया था। इसमें से 274 लोगों की कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव मिली थी। वैक्सीन की दोनों डोज लगने के 14 दिन के बाद एंटीबॉडी बनना शुरू होता है। इन मरीजों ने यह अवधि पूरी कर ली थी। जांच में सामने आया कि इनमें से 76 प्रतिशत कोरोना संक्रमित निकले थे। इसमें 17 प्रतिशत बिना लक्षण वाले, जबकि 10 प्रतिशत ही ऐसे निकले, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल जाना पड़ा।

सैम्पल में 43 प्रतिशत हेल्थवर्कर्स थे
ICMR की यह रिपोर्ट मेडिकल जर्नल रिसर्च स्कवायर में प्रकाशित हुई है। इसके अनुसार इन मरीजों में 12.8 प्रतिशत ने कोवैक्सीन, जबकि 87.2 फीसदी फीसदी लोगों ने कोविशील्ड की दोनों डोज ली थीं। कोवैक्सीन लेने वाले 43 फीसदी हेल्थकेयर वर्कर्स थे। वहीं, कोविशील्ड वाले 10 फीसदी हेल्थकेयर वर्कर्स संक्रमित मिले।

गुरुवार को यूपी ने तोड़ा रिकॉर्ड
अगर वैक्सीनेशन अभियान का आंकड़ा देखें, तो गुरुवार को 8.51 लाख डोज लगाकर यूपी सबसे आगे रहा। 22 जून को भी यहां करीब इतनी ही डोज लगाई गई थीं। मध्य प्रदेश में गुरुवार को 7.7 लाख डोज लगाए गए। यहां 4 दिनों में 33 लाख डोज लगाए जा चुके हैं।

क्या है सरकार की नई गाइडलाइन
सरकार सीधे 75% वैक्सीन कंपनियों से खरीदेगी। इसे राज्यों को फ्री में उपलब्ध कराएगी। राज्य बिना पैसा लिए लोगों को फ्री में वैक्सीन लगाएंगे। 

हालांकि, केंद्र से जो वैक्सीन राज्यों को मिलेगी, उसमें प्राथमिकता तय करना होगा। जैसे हेल्थ वर्कर्स, फ्रंटलाइन वर्कर्स, 45 साल से ऊपर के लोग। इसके बाद सेकंड डोज वाले लोग और इसके बाद 18 साल के ऊपर के सभी लोगों को वैक्सीन में प्राथमिकता दी जाएगी।

18 साल से ऊपर के लोगों के लिए वैक्सीन शेड्यूल में प्रायरिटी राज्य सरकार खुद तय करेंगी।

कोरोना केसों की संख्या, वैक्सीन का इस्तेमाल और वेस्टेज को मद्देनजर रखते हुए ही केंद्र राज्यों को वैक्सीन सप्लाई करेगी। 
 
केंद्र सरकार राज्यों को पहले से बता देगी कि किस महीने में उन्हें वैक्सीन के कितने डोज मिलने वाले हैं, ताकि प्रायरिटी ग्रुप्स के वैक्सीनेशन से जुड़े इंतजाम किए जा सकें। इसी तरह से राज्यों को जिला स्तर पर यह जानकारी देनी होगी। 

वैक्सीन प्रोडक्शन को प्रोत्साहित करने के लिए और नई वैक्सीन और घरेलू वैक्सीन निर्माता कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए वे सीधे तौर पर प्राइवेट अस्पतालों को वैक्सीन उपलब्ध करा सकती हैं। लेकिन वे अपने उत्पादन का 25% ही अस्पतालों को दे सकती हैं। राज्यों पर इसकी देखरेख की जिम्मेदारी होगी कि वे छोटे, बड़े और क्षेत्रीय स्तर पर अस्पतालों को वैक्सीन उपलब्ध कराएं। 

वैक्सीन निर्माता ही अस्पतालों के लिए कीमत तय करेंगे। अस्पताल प्रति डोज पर 150 रुपए सर्विस चार्ज वसूल सकते हैं।

सभी नागरिकों को फ्री वैक्सीन का अधिकार है। लेकिन जो लोग इसका खर्चा उठा सकते हैं, वे प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीनेशन करा सकते हैं। 

गरीबों को प्राइवेट अस्पतालों में वैक्सीन लगवाने के लिए RBI की तरफ से अप्रूव्ड ई-वाउचर लाए जाएंगे। ये नॉन ट्रांसफेरेबल होंगे। यानी इस वाउचर का इस्तेमाल सिर्फ वही व्यक्ति कर सकेगा जिसके नाम पर यह इश्यू किया जाएगा। 

इसके अलावा कोविन पर हर कोई वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन करा सकता है। इसके साथ ही प्राइवेट और सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन के लिए रजिस्ट्रेशन हो सकेगा। 

जुलाई से बढ़ेंगी और रफ्तार
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अनुसार जुलाई और अगस्त में टीके लगाने की रफ्तार को बढ़ाने का भी आयोजन भारत सरकार ने किया है। कोरोना से नागरिकों को बचाने के लिए भारत सरकार के इस निर्णय से सभी को राहत मिलेगी। सभी नागरिकों से अपील है कि आप टीका जरूर लगवाएं और समय पर दूसरा टीका भी लगवा लीजिए। इतनी बड़ी आबादी वाले देश में 18 वर्ष से अधिक आयु वाले सभी नागरिकों को निशुल्क वैक्सीन लगाना एक बहुत बड़ा निर्णय है। 

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