
Anti China Protest. चीन ने अरूणाचल प्रदेश के 11 स्थानों के नाम बदल दिए थे, जिसे लेकर स्थानीय लोग बेहद नाराज हैं। यही वजह है कि अरूणाचल प्रदेश में चीन के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया जा रहा है। अरूणाचल प्रदेश के चंगलंग जिले में मिआओ गांव से लेकर मिआओ टाउनशिप पर तक तीन किलोमीटर तक शांति मार्च निकाला गया। इसमें सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने हिस्सा लिया। लोगों ने अपने हाथ में तख्तियां ले रखी थीं, जिस पर लिखा था- वी स्टैंड बाई इंडिया।
चीन के खिलाफ लोगों में गुस्सा
मार्च के दौरान स्थानीय लोगों ने चीन के प्रेसीडेंज शी जिनपिंग के खिलाफ भी नारे लगाए। लोगों ने कहा कि- आप क्या सोचते हैं। क्या इस तरह का विवाद पैदा करने के अरूणा प्रदेश ले लेंगे, नहीं और कभी नहीं। लोगों ने चीन के उस कदम का भी पुरजोर विरोध किया जिसमें उसने अरूणाचल प्रदेश को जंगनम नाम दिया है। लोगों ने कहा कि हम तिब्बत में रहने वालों की स्थिति को जानते हैं। वहां के लोग चीन द्वारा दबाए जाते हैं। हम अरूणाचल प्रदेश में ऐसे हालात नहीं पैदा होने देंगे। लोगों ने यह भी पोस्टर ले रखा था जिस पर साफ लिखा था कि अरूणाचल प्रदेश चीन का हिस्सा नहीं है।
तिरंगे के साथ निकाला मार्च
स्थानीय लोगों ने नई दिल्ली के साथ अपनी मजबूती दिखाने के लिए अपने धार्मिक झंडे के साथ तिरंगा झंडा लेकर मार्च निकाला। जानकारी के लिए बता दें कि चीन ने हाल ही में 11 स्थानों के नाम बदले। इससे पहले 2021 में 15 स्थानों के नाम बदल दिए थे और 2017 में 6 स्थानों के नाम चेंज किए थे। जो नाम बदले गए हैं, वे चाइनीज भाषा और तिब्बती लैंग्वेज में हैं। चीन की सिविल एविएशन मिनिस्ट्री ने दक्षिण चीन के कुछ हिस्से की जियोग्राफिकल नाम भी बदले थे।
चीन करता है यह दावा
चीन यह दावा करता है कि अरूणाचल प्रदेश का 90,000 वर्गमीटर जमीन उसकी है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा था कि हमने ऐसी रिपोर्ट देखी है। चीन ने जिस तरह का प्रयास किया है, इसे हम पूरी तरह से खारिज करते हैं।
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