
मौसम डेस्क. इस समय मौसम में बड़े बदलाव हो रहे हैं। दक्षिण पश्चिम (south west monsoon) और प्री मानसून की गतिविधियों के बीच देश के कई राज्यों में फिर से लू(Heat Wave) की स्थिति बनी है। उत्तर मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में लू चल रही है। राजस्थान के दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में फिर से लू की आशंका है। इस बीच मौसम विभाग ने कई राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, कुछ दिनों में दिल्ली में प्री मानसून गतिविधियां शुरू हो जाएंगी। IMD के अनुसार, 25 जून तक मानसून दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, गुजरात और आसपास के राज्यों में पहुंच सकता है। जबकि 15 जून तक छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार और आसपास में पहुंचने की संभावना है।
(यह तस्वीर मुंबई के कोलाबा के बधवार पार्क की है, जो कुछ दिन पहले खींची गई थी, आसमान में काले मानसूनी बादलों के मंडराने के दौरान पानी में खेलते युवा, मौसम विभाग के अनुसार, 1-2 दिन में मुंबई में प्री मानसून की गतिविधि शुरू हो जाएगी)
इन राज्यों में बारिश संभव
अगले 24 घंटों के दौरान, सिक्किम, उत्तर पूर्व भारत, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के कुछ हिस्सों, लक्षद्वीप, रायलसीमा और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक और केरल के एक या दो हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। जबकि तटीय कर्नाटक, आंतरिक तमिलनाडु, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और जम्मू कश्मीर में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है।
मानसून अपनी गति से आगे बढ़ रहा है
स्काईमेट वेदर(skymet weather) के अनुसार, मध्य अरब सागर के कुछ हिस्सों, कर्नाटक के कुछ और हिस्सों, कोंकण और गोवा के कुछ हिस्सों, तमिलनाडु के कुछ हिस्सों, दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में पश्चिम मध्य और उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी, और उत्तर पूर्व भारत के कुछ हिस्सों, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए स्थितियां फिलहाल अनुकूल हैं। यानी यह बिना किसी बाधा के अपनी गति से आगे बढ़ रहा है।
मौसम में इन वजहों से देखा जा रहा है बदलाव
भारतीय मौसम विभाग(India Meteorological Department) के अनुसार, एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण पूर्व उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्र पर एक्टिव है। एक ट्रफ रेखा दक्षिण पूर्व उत्तर प्रदेश पर बने चक्रवाती परिसंचरण(cyclonic circulation) से लेकर दक्षिण बिहार, झारखंड और गंगीय पश्चिम बंगाल होते हुए पूर्वी बांग्लादेश तक फैली नजर आ रही है।
स्काईमेट वेदर(skymet weather) के अनुसार, चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र दक्षिण बांग्लादेश और उससे सटे उत्तर पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना हुआ है, जो समुद्र तल से 5.8 किलोमीटर ऊपर तक फैला हुआ है। ऊंचाई के साथ दक्षिण की ओर झुकना। दक्षिण प्रायद्वीप में 10 डिग्री उत्तरी अक्षांश पर 3.1 और 5.8 किमी के बीच एक विंडशियर जॉन देखा जा सकता है। विंडशीयर जॉन एक माइक्रोस्केल मौसम संबंधी घटन है, जो कम दूरी पर स्थित होती है।
ऐसा रहा बीते दिन का मौसम
बीते दिन अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के उत्तरी हिस्सों, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम के कुछ हिस्सों और केरल और लक्षद्वीप के एक या दो हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं भारी बारिश दर्ज की गई। उत्तर पूर्व भारत के बाकी हिस्सों, तमिलनाडु के आंतरिक हिस्सों, तटीय और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, उत्तर और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों और झारखंड के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होती रही। छत्तीसगढ़, तटीय आंध्र प्रदेश, कोंकण और गोवा और जम्मू कश्मीर के कुछ हिस्सों में छिटपुट हल्की बारिश हुई। हरियाणा और दिल्ली के उत्तरी राजस्थान के हिस्सों में धूल भरी आंधी, गरज और हल्की बारिश हुई।
यह भी पढ़ें
असली या नकली, ऐसे करें सही दूध की पहचान, जानलेवा हो सकता है सिंथेटिक मिल्क
Weather Report:बिना किसी बाधा के आगे बढ़ रहा मानसून, जानिए क्या कहती है मौसम विज्ञानियों की भविष्यवाणी
National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.