
Rahul Gandhi Conviction. मोदी सरनेम मामले में सजा पा चुके राहुल गांधी को गुजरात हाईकोर्ट ने भी कोई राहत नहीं है। हाईकोर्ट ने उनकी तरफ से दाखिल दोषसिद्धि के खिलाफ याचिका खारिज कर दी है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि आखिर राहुल गांधी के सामने अब क्या विकल्प बचे हैं? हाईकोर्ट ने याचिका खारिज करते वक्त राहुल गांधी को लेकर कुछ टिप्पणियां भी की हैं।
राहुल गांधी के सामने सुप्रीम कोर्ट जाने का है विकल्प
राहुल गांधी की मोदी सरनेम मामले में सजा पर रोक लगाने की याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। अब राहुल के सामने सिर्फ एक विकल्प बचा है कि वे सुप्रीम कोर्ट जाएं। हाईकोर्ट ने राहुल गांधी की याचिका खारिज करते हुए कहा कि यह न्यायसंगत और कानूनी प्रक्रिया के तहत है। सुप्रीम कोर्ट उनकी सजा पर रोक लगाता है तो संभवतः उनकी संसद सदस्यता भी बहाल हो जाएगी। फिलहाल राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। कांग्रेस पार्टी ने भी ऐलान किया है कि वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे।
गुजरात हाईकोर्ट ने राहुल गांधी मामले में यह कहा
राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट जाते हैं तो क्या होगा
संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत राहुल गांधी के पास सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प है। अनुच्छेद 136 के तहत सुप्रीम कोर्ट के पास भारत की सभी अदालतों और न्यायाधिकरणों पर व्यापक अपीलीय क्षेत्राधिकार भी है। सुप्रीम कोर्ट अपने विवेक से भारत के क्षेत्र में किसी भी कोर्ट या न्यायाधिकरण द्वारा पारित या किए गए किसी भी कारण या मामले में किसी भी निर्णय, डिक्री, निर्धारण, सजा या आदेश के खिलाफ संविधान के अनुच्छेद 136 के तहत अपील करने की विशेष अनुमति दे सकता है।
क्या है मोदी सरनेम मानहानि मामला
राहुल गांधी ने 2019 के लोकसभा चुनाव कैंपेन के दौरान भाषण में मोदी सरनेम को लेकर टिप्पणी की थी। जिसके बाद बीजेपी के एक नेता ने मानहानि का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में 23 मार्च 2023 को सूरत कोर्ट ने राहुल गांधी को दोषी करार दिया और 2 साल की सजा सुनाई। इसके ठीक 1 दिन बाद राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता अयोग्य घोषित कर दी गई। यदि इस वक्त दोष सिद्धि पर रोक लगाई जाती है तो राहुल गांधी की संसद सदस्यता बहाल होने का रास्ता खुल जाएगा।
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