
नई दिल्ली. भारत के वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का रविवार को निधन हो गया। वे 95 साल के थे। काफी लंबे वक्त से वे बीमार चल रहे थे।
केवल 17 साल की उम्र में वकालत शुरू करने वाले जेठमलानी ने 1993 बम धमाकों के आरोपी दाऊद इब्राहिम को लेकर कुछ साल पहले एक बड़ा खुलासा किया था।
दाऊद को लाया जा सकता था भारत
उन्होंने एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में बताया था कि दाऊद को भारत लाया जा सकता था। उन्होंने बताया था कि उनकी अंडरवर्ल्ड डॉन से बात हुई थी। उसने कहा था कि मुंबई धमाकों में उसका हाथ नहीं है। वह भारत आने के लिए तैयार है। लेकिन उसने एक शर्त रखी थी कि उसके साथ सही सलूक किया जाए।
नहीं मानी दाऊद की शर्त
जेठमलानी ने दावा किया था कि दाऊद को तत्कालीन मुख्यमंत्री शरद पवार कि वजह से दाऊद नहीं आ सका। दाऊद की इस पेशकश को शरद पवार ने खारिज कर दिया था। दाऊद चाहता था कि उसे जेल की बजाय घर में नजरबंद किया जाए।
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