राम जेठमलानी 18 साल की उम्र में वकालत शुरू करने वाले देश के पहले और आखिरी व्यक्ति क्यों बन गए?

Published : Sep 08, 2019, 10:06 AM ISTUpdated : Sep 08, 2019, 10:51 AM IST
राम जेठमलानी 18 साल की उम्र में वकालत शुरू करने वाले देश के पहले और आखिरी व्यक्ति क्यों बन गए?

सार

देश के नामी वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का 95 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमर चल रहे थे। अपने जीवन में कई बड़े केस जीतने वाले जेठमलानी देश के सबसे बेहतरीन वकीलों में शुमार थे। जेठमलानी केंद्रीय कानून मंत्री भी रह चुके हैं। 

नई दिल्ली. देश के नामी वरिष्ठ वकील राम जेठमलानी का 95 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमर चल रहे थे। अपने जीवन में कई बड़े केस जीतने वाले जेठमलानी देश के सबसे बेहतरीन वकीलों में शुमार थे। जेठमलानी केंद्रीय कानून मंत्री भी रह चुके हैं। 

राम जेठमलानी ने एक इंटरव्यू में बताया था कि मेरा पिता और दादा वकील थे। लेकिन वे मुझे वकील नहीं बनाना चाहते थे। पिता जाहते थे कि मैं इंजीनियर बनूं। उन्होंने मेरा दाखिला साइंस में करवा दिया। लेकिन मुझसे वकालत नहीं छूटी। उस वक्त सरकार ने एक नियम बनाया। नियम के तहत कोई भी एक परीक्षा पास करके वकालत में दाखिला ले सकता था। मैंने परीक्षा दी और पास हो गया। महज 17 साल की उम्र में जेठमलानी अपनी वकालत की पढ़ाई पूरी कर चुके थे।

- बार काउंसिल के नियम के अनुसार 21 साल की उम्र से पहले किसी व्यक्ति को वकालत का लाइसेंस नहीं दिया जा सकता है।
- उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा कि लाइसेंस के लिए मैंने मुख्य न्यायधीश से बात की थी। मैंने उनसे कहा था कि जब मैंने वकालत में दाखिला लिया था उस वक्त कोई नियम नहीं था। इसलिए मेरे ऊपर यह नियम लागू नहीं होता है।
- जेठमलानी की बात से मुख्य न्यायधीश इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने बार काउंसिल को पत्र लिखकर राम जेठमलानी को लाइसेंस देने पर विचार करने के लिए कहा।
इसके बाद नियमों में बदलाव किया गया। फिर एक अपवाद के रूप में 18 साल की उम्र में जेठमलानी को वकालत का लाइसेंस दे दिया गया। इस तरह इस उम्र में यह देश के पहले और आखिरी व्यक्ति बन हैं, जिन्होंने इतनी कम उम्र में वाकलत का लाइसेंस प्राप्त किया।

PREV

National News (नेशनल न्यूज़) - Get latest India News (राष्ट्रीय समाचार) and breaking Hindi News headlines from India on Asianet News Hindi.

Recommended Stories

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: शादीशुदा महिला ‘शादी के झूठे वादे’ पर रेप केस क्यों नहीं कर सकती?
Pariksha Pe Charcha: PM मोदी छात्रों को देंगे तनाव मुक्त परीक्षा के टिप्स, जानें कब और कैसे जुड़ें?