
Delhi Liquor Policy Case: दिल्ली की वापस ली जा चुकी नई आबकारी नीति केस में आम आदमी पार्टी की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ईडी ने बुधवार को आप के राज्यसभा सांसद संजय सिंह को अरेस्ट कर लिया है। मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी द्वारा आप सांसद के घर पर रेड मारने के कुछ घंटों बाद सांसद संजय सिंह को गिरफ्तार किया गया है।
संजय सिंह दिल्ली सरकार की वापस ली गई नई शराब नीति में कथित भ्रष्टाचार के संबंध में आरोपी बनाए गए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पूर्व उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, तेलंगाना के सीएम केसीआर की बेटी के.कविता सहित अन्य राजनेताओं की कतार में शामिल हो गए हैं। पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को फरवरी महीना में सीबीआई, फिर ईडी ने अरेस्ट किया था। तबसे वह जेल में हैं। उनकी जमानत की अर्जी बार-बार खारिज हो रही है।
संजय सिंह ने ईडी के स्वागत का लगाया था पोस्टर
संजय सिंह ने अपनी गिरफ्तारी के कुछ महीना पहले अपने घर पर ईडी का स्वागत करने वाला एक पोस्टर लगाया था। पोस्टर के साथ खड़े होकर संजय सिंह ने फोटो लगाकर एक पोस्ट ट्वीटर पर शेयर किया था।
संजय सिंह पर ईडी का छापा
राज्यसभा सांसद संजय सिंह के घर पर बुधवार को ईडी ने रेड किया। दरअसल, दिल्ली आबकारी नीति केस के एक आरोपी बिजनेसमैन दिनेश अरोड़ा सरकारी गवाह बन गए हैं। अरोड़ा, गवाह बनने के बाद संजय सिंह का नाम लिए हैं। इसके बाद ईडी ने संजय सिंह के घर पर रेड किया है। सरकारी गवाह बनने के बाद दिनेश अरोड़ा को बीते 1 अगस्त को जमानत पर रिहा कर दिया गया। ईडी का मानना है कि संजय सिंह ने दिनेश अरोड़ा और मनीष सिसोदिया के बीच मुलाकात की व्यवस्था की थी। सिसोदिया को सीबीआई और फिर ईडी ने अरेस्ट किया। सिसोदिया उस समय दिल्ली सरकार के उत्पाद शुल्क मंत्री थे।
ईडी ने तीन चार्जशीट दायर की
ईडी ने दिल्ली की नई आबकारी नीति केस में तीन चार्जशीट दायर किए हैं। लेकिन कभी भी संजय सिंह को आरोपी नहीं बनाया ना ही कभी उनको बयान लेने के लिए बुलाया है। हालांकि, एजेंसी ने अपने कुछ दस्तावेजों में आप नेता का उल्लेख किया है। जिसके बाद विवाद पैदा हो गया।
संजय सिंह ने लगाया राजनीतिक छवि को खराब करने का आरोप
ईडी के दावे पर संजय सिंह ने अपनी राजनीतिक साख और छवि को खराब करने की साजिश का दावा किया। उन्होंने केंद्रीय वित्त सचिव को उनके खिलाफ झूठे और अपमानजनक दावे करने के लिए एजेंसी प्रमुख के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति के लिए लिखा था। प्रवर्तन निदेशालय वित्त मंत्रालय को रिपोर्ट करता है। दरअसल, ऐसा तब हुआ जब केंद्रीय एजेंसी ने अदालतों को बताया कि संजय सिंह का एक (चार में से) संदर्भ टाइपोग्राफिक/क्लरिकल मिस्टेक था। एजेंसी ने कहा कि वह उस स्थान पर दिल्ली के तत्कालीन उत्पाद शुल्क आयुक्त राहुल सिंह का नाम रखना चाहती थी और संजय सिंह का नाम देना एक अनजाने में हुई गलती थी।
AAP ने आरोप लगाया कि पार्टी और उसके नेताओं को बदनाम करने के लिए सिंह के नाम का उल्लेख पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) के इशारे पर किया गया था। संजय सिंह ने कथित घोटाले की निराधार जांच करने के लिए एजेंसी की आलोचना की।
अरविंद केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरा
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल भी संजय सिंह के समर्थन में पूरी तरह खड़े दिख रहे। उन्होंने ईडी पर अगले साल के चुनाव से पहले प्रतिद्वंद्वियों को निशाना बनाने के लिए भाजपा की ओर से काम करने का आरोप लगाया है। केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि 1,000 से अधिक छापे में अवैध धन का एक पैसा खोजने में एजेंसी विफल रही।
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