
नई दिल्ली. कोरोना संक्रमित मरीजों को राहत पहुंचाने के लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा फैसला किया है। प्रदेश के अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार ने कहा, प्रदेश में अब तक होम आइसोलेशन की अनुमति नहीं दी थी, लेकिन आज मुख्यमंत्री ने एक कमेटी बनाई है, आज ही उसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जा रही है और आज ही इसपर निर्णय लेकर होम आइसोलेशन पर नए आदेश राज्य सरकार द्वारा दिए जाएंगे।
"सख्त होंगे होम आइसोलेशन की शर्तें"
अवनीश कुमार अवस्थी ने कहा, हल्के लक्षण वाले कोरोना के मरीज घर में रहकर इलाज करा सकते हैं। होम आइसोलेशन की शर्तें बहुत ही सख्त होंगी, क्योंकि घर पर अगर कोरोना पॉजिटिव रह रहा है तो उसे इस तरह से रखा जाए की उसके संपर्क में कोई व्यक्ति न आए।
मरीजों का डर हो जाएगा खत्म
कोरोना महामारी में संक्रमित होने पर हॉस्पिटल जाना होता है। जहां 14 दिन तक रहना होता है। ऐसे में मरीजों को परिवार और घर की चिंता भी रहती है। साथ ही हॉस्पिटल में रहने पर उन्हें कोरोना का डर रहता है। ऐसे में उनके पास विकल्प होगा कि अगर कोरोना संक्रमण का शुरुआती लक्षण है तो सरकार की अनुमति से होम आइसोलेट हो सकते हैं।
टीम 11 के साथ सीएम योगी ने की बैठक
टीम-11 के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक की, जिसके बाद यह फैसला लिया। रोगी और उसके परिवार को होम आइसोलेशन के प्रोटोकॉल का पालन करना अनिवार्य होगा।
कुछ जिलों में भेजे जाएंगे डॉक्टर
कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए योगी सरकार ने ज्यादा प्रभावित जिलों में विशेष डॉक्टरों की टीम भेजने का फैसला किया है। ज्यादा प्रभावित जिलों में
लखनऊ, कानपुर नगर, बस्ती, प्रयागराज, बरेली, गोरखपुर, बलिया, झांसी, मुरादाबाद और वाराणसी है।
उत्तर प्रदेश में कोरोना के 50 हजार केस
यूपी में कोरोना वायरस के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। प्रदेश में अभी तक कोरोना संक्रमण के लगभग 50 हजार केस आ चुके हैं। 18256 एक्टिव केस हैं, जबकि 29845 मरीज ठीक होकर घर लौट चुके हैं। कोरोना से अब तक 1146 लोगों की मौत हो चुकी है।
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