
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 21 दिन से भूख हड़ताल कर रहे सोनम वांगचुक को बिगड़ती तबीयत को देखते हुए शनिवार को दिल्ली पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से जबरन उठाकर ले गई। जहां उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी बीच अब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके ने मोर्चा संभाल लिया है। यानि उन्होंने खुद अनिश्चितकालीन आमरण अनशन का ऐलान किया है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वह भूख सहन करते हुए वांगचुक की तरह इतने लंबे समय तक टिक पाएंगे।
अभिजीत को लेकर सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या वह भूख सहन करते हुए वांगचुक की तरह इतने लंबे समय तक टिक पाएंगे। इस मामले पर जानकारों का कहना है कि अभिजीत दिपके सोनम वांगचुक की तरह भूखे रहने की क्षमता रखते हैं या नहीं, यह उनकी शारीरिक स्थिति और संकल्प पर निर्भर करेगा। वहीं लोगों का यह भी कहना है कि हालांकि वह जिस तरह से विदेश से आकर भारत में नौजवानों के लिए आवाज उठा रहे हैं, उसको देखकर तो लगता है कि वह लंबे समय तक डटे रहेंगे।
बता दें कि जिस वक्त सोनम वांगचुक ने भूख हड़ताल शुरू की थी, उस दौरान जब मीडिया ने उनसे अनशन नहीं करने पर सवाल किया तो अभिजीत दिपके ने कहा था कि आंदोलन को सुचारू रूप से चलाने और संभालने के लिए कोर टीम का किसी का स्वस्थ रहना जरूरी है। अब उनके अनशन शुरू करने के बाद ही पता चलेगा कि वह उनकी टीम और वह कितने समय तक टिक पाते हैं। क्या वह जिस मकसद से आंदोलन कर रहे हैं वो उनका पूरा हो पाएगा।
बता दें कि सोनम वांगचुक NEET पेपर लीक विवाद सहित देश भर में परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को बिना खाए पिछले 21 दिनों तक जंतर-मंतर पर डटे थे। लेकिन लगातार उनकी तबीयत बिगड़ती जा रही है और इसी कारण उनका काफी वजन घट गया था और। आखिर में आज दिल्ली हाईकोर्ट के निर्देश के बाद उन्हें दिल्ली पुलिस ने सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।
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