हमले ईरान पर, घिग्घी बंधी चीन की..इस अमेरिकी हथियार के डर से 3 KM गहराई में ये काम कर रहा ड्रैगन

Published : Mar 10, 2026, 11:57 PM IST
China Fear By US Bunker Buster Bomb

सार

ईरान पर अमेरिकी बंकर बस्टर हमलों के बाद चीन सतर्क हो गया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन तिब्बत और शिनजियांग में जमीन के नीचे गहरे सैन्य अड्डे और मिसाइल साइलो बना रहा है। इसका मकसद संभावित अमेरिकी हमलों से सैन्य संसाधनों और ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर को सुरक्षित रखना है।

China Fear By US Bunker Buster Bomb: मिडिल-ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान पर खतरनाक अमेरिकी बम से हो रहे हमलों को देखते हुए चीन घबरा गया है। यही वजह है कि उसने अपनी सैन्य रणनीति को और मजबूत करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन को डर है कि भविष्य में अगर अमेरिका के साथ टकराव होता है तो उसके सैन्य ठिकाने भी निशाने पर आ सकते हैं। यही वजह है कि चीन अपने सैन्य अड्डों और मिसाइल ठिकानों को जमीन के अंदर और गहराई में छिपाने की योजना बना रहा है।

शिनजियांग में बनाए मिसाइल साइलो

चीन ने तिब्बत और शिनजियांग जैसे इलाकों में बड़े पैमाने पर मिसाइल साइलो बनाए हैं, जहां लंबी दूरी तक मार करने वाली परमाणु मिसाइलों को लॉन्च के लिए तैयार रखा जाता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीनी ऊर्जा विशेषज्ञ पहले से ही सरकार को सलाह दे रहे हैं कि बढ़ते जियोपॉलिटिकल तनाव और वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए पश्चिमी चीन में जमीन के नीचे सुरक्षित इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाए। सरकारी कंपनी पावर कंस्ट्रक्शन कॉर्पोरेशन ऑफ चाइना (PowerChina) के चीफ टेक्निकल एक्सपर्ट झांग शीशु के अनुसार, जरूरी सुविधाओं को जमीन के अंदर गहराई में बनाया जाना चाहिए। इससे तेल, प्राकृतिक गैस और रेयर मेटल्स जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों को सुरक्षित तरीके से स्टोर किया जा सकेगा और उन्हें संभावित सैन्य हमलों या निगरानी से बचाया जा सकेगा।

अंडरग्राउंड स्ट्रेटेजिक कॉरिडोर का प्लान

एशिया टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, चीन इस योजना के तहत एक मल्टी-लेयर या टियर सिस्टम विकसित करने की तैयारी कर रहा है। इस सिस्टम में बड़े सेंट्रल स्टोरेज हब को छोटे रीजनल डिपो और सीमावर्ती सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। इस प्रोजेक्ट में खास तौर पर तिब्बत और शिनजियांग के सीमावर्ती इलाकों पर ध्यान दिया जाएगा। रिसर्चर्स ने इस नेटवर्क को चीन का अंडरग्राउंड स्ट्रेटेजिक कॉरिडोर और कोवर्ट सपोर्ट सिस्टम बताया है। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना और सीमाओं की रक्षा क्षमता बढ़ाना है।

इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर को अंदरूनी इलाकों में शिफ्ट करने की योजना

चीन ने इस दिशा में काम भी शुरू कर दिया है। नई रणनीति के तहत आने वाले समय में जरूरी उद्योग और इंफ्रास्ट्रक्चर को बीजिंग, शंघाई और शेनझेन जैसे बड़े शहरों से हटाकर अंदरूनी और रणनीतिक रूप से सुरक्षित क्षेत्रों में स्थानांतरित किया जाएगा। इस कदम का मकसद संभावित युद्ध, सप्लाई चेन में रुकावट या अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के साथ सैन्य टकराव की स्थिति में जोखिम को कम करना है। चीन ने ड्रिलिंग और जियोलॉजिकल मॉनिटरिंग तकनीक में भी काफी प्रगति की है। अब चीन के पास ऐसी तकनीक मौजूद है, जिससे करीब 3000 मीटर की गहराई तक भूमिगत निर्माण प्रोजेक्ट संभव हो गए हैं।

ईरान पर अमेरिकी हमलों से बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों का मानना है कि चीन की इस रणनीति के पीछे एक बड़ी वजह ईरान पर अमेरिका के हमले भी हैं। करीब एक साल पहले अमेरिका ने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के दौरान ईरान के अंडरग्राउंड न्यूक्लियर ठिकानों पर हमला किया था। इस हमले में अमेरिकी सेना ने बंकर बस्टर बमों का इस्तेमाल कर कई परमाणु ठिकानों को नष्ट कर दिया था। इस घटना के बाद से चीनी सरकारी मीडिया और सैन्य विशेषज्ञ लगातार इस बात पर जोर दे रहे हैं कि देश की अंडरग्राउंड सैन्य सुविधाओं को और सुरक्षित बनाया जाए।

तिब्बत, शिनजियांग और सिचुआन पर फोकस

चीन की नई रणनीति के तहत सबसे पहले महत्वपूर्ण सैन्य अड्डों और सुविधाओं को तिब्बत, शिनजियांग और सिचुआन जैसे भौगोलिक रूप से सुरक्षित इलाकों में स्थानांतरित करने की योजना है। विशेषज्ञों के अनुसार, इन क्षेत्रों की भौगोलिक स्थिति और प्राकृतिक सुरक्षा चीन को सैन्य दृष्टि से मजबूत बना सकती है। कुल मिलाकर, चीन की यह रणनीति भविष्य में संभावित सैन्य संघर्षों से निपटने और अपने महत्वपूर्ण संसाधनों तथा सैन्य ढांचे को सुरक्षित रखने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

योगी सरकार की नई पहल: UP में शुरू होगी ईको-टूरिज्म वैन सर्विस, मथुरा-वाराणसी-लखनऊ से होगी शुरुआत
CM Yogi Adityanath Cabinet Decisions: भिक्षावृत्ति कानून संशोधन, आनंद विवाह रजिस्ट्रेशन नियमावली और शिक्षकों को कैशलेस इलाज