CM Yogi Adityanath Cabinet Decisions: भिक्षावृत्ति कानून संशोधन, आनंद विवाह रजिस्ट्रेशन नियमावली और शिक्षकों को कैशलेस इलाज

Published : Mar 10, 2026, 09:32 PM IST
uttar pradesh CM Yogi Adityanath Cabinet Decisions

सार

योगी सरकार की कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए। भिक्षावृत्ति प्रतिषेध अधिनियम में संशोधन, सिख समुदाय के लिए आनंद विवाह रजिस्ट्रेशन नियमावली 2026 लागू करने और उच्च शिक्षा के शिक्षकों व कर्मचारियों को 5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने को मंजूरी दी गई।

लखनऊ। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उत्तर प्रदेश भिक्षावृत्ति प्रतिषेध अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के 7 मई 2025 के आदेश के अनुपालन में लिया गया है। प्रस्तावित संशोधन के तहत अधिनियम की धारा-21 से कुष्ठ रोग (Leprosy) से जुड़े प्रावधानों को हटाया जाएगा। इसके साथ ही कानून को मेंटल हेल्थकेयर एक्ट 2017 के अनुरूप बनाया जाएगा ताकि यह आधुनिक स्वास्थ्य मानकों और मानवाधिकार सिद्धांतों के अनुसार हो सके।

इस बदलाव का उद्देश्य कुष्ठ रोग से प्रभावित लोगों के साथ होने वाले भेदभाव को खत्म करना है, ताकि वे समाज में सम्मान के साथ जीवन जी सकें। कैबिनेट की मंजूरी के बाद अब उत्तर प्रदेश भिक्षावृत्ति प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक 2026 को आगे की प्रक्रिया के लिए राज्य विधानमंडल में पेश किया जाएगा।

सिख समुदाय के लिए आनंद विवाह रजिस्ट्रेशन नियमावली 2026 लागू

कैबिनेट बैठक में सिख समुदाय के विवाह पंजीकरण को सरल बनाने के लिए “उत्तर प्रदेश आनंद विवाह रजिस्ट्रीकरण नियमावली 2026” को लागू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सिख धर्म में प्रचलित आनंद कारज विवाह के आधिकारिक पंजीकरण को आसान बनाने के लिए यह नियमावली बनाई गई है। यह व्यवस्था आनंद मैरिज एक्ट 1909 (संशोधित 2012) की धारा-6 के तहत राज्य सरकार को मिले अधिकारों के आधार पर लागू की जा रही है। इसके अलावा यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में अमनजोत सिंह चड्ढा बनाम भारत संघ व अन्य मामले में 4 सितम्बर 2025 के निर्देशों के पालन में लिया गया है।

तहसील से राज्य स्तर तक रजिस्ट्रार की व्यवस्था

नई नियमावली के तहत विवाह पंजीकरण के लिए अलग-अलग स्तर पर अधिकारियों को रजिस्ट्रार बनाया जाएगा।

  • तहसील स्तर: उप जिलाधिकारी (SDM) रजिस्ट्रार
  • जिला स्तर: जिलाधिकारी जिला रजिस्ट्रार
  • मंडल स्तर: मंडलायुक्त मंडलीय रजिस्ट्रार
  • राज्य स्तर: निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण एवं वक्फ मुख्य रजिस्ट्रार

नियमावली के अनुसार विवाह के पक्षकार या उनके रिश्तेदार विवाह के तीन महीने के भीतर आवेदन कर सकेंगे। आवेदन के साथ 1500 रुपये का न्यायालय शुल्क स्टाम्प लगाना होगा। यदि निर्धारित समय के बाद आवेदन किया जाता है तो नियमानुसार विलंब शुल्क देना होगा।

अपील और प्रमाणित प्रति से जुड़े प्रावधान

नई व्यवस्था के तहत यदि कोई पक्ष रजिस्ट्रार के निर्णय से संतुष्ट नहीं है तो वह जिला रजिस्ट्रार के पास अपील कर सकेगा। जिला रजिस्ट्रार के आदेश के खिलाफ मंडलीय रजिस्ट्रार के पास भी अपील का प्रावधान रखा गया है। नियमावली में विवाह रजिस्टर के रख-रखाव और प्रमाणित प्रति प्राप्त करने से संबंधित नियम भी शामिल किए गए हैं। इस व्यवस्था से प्रदेश में सिख समुदाय के विवाह का आधिकारिक पंजीकरण आसान और पारदर्शी बनेगा।

उच्च शिक्षा के शिक्षकों और कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा

कैबिनेट बैठक में उच्च शिक्षा विभाग से जुड़ा एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव भी मंजूर किया गया है। इसके तहत प्रदेश सरकार ने उच्च शिक्षा के शिक्षकों और शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का निर्णय लिया है। प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री Yogendra Upadhyay ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शिक्षकों और शिक्षा क्षेत्र के प्रति हमेशा संवेदनशील रहे हैं। शिक्षक समाज निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, लेकिन अब तक उन्हें चिकित्सा प्रतिपूर्ति की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसी कारण मुख्यमंत्री ने 5 सितम्बर 2025 (शिक्षक दिवस) पर इस योजना की घोषणा की थी।

किन शिक्षकों और कर्मचारियों को मिलेगा योजना का लाभ

इस योजना के अंतर्गत निम्न संस्थानों के शिक्षक शामिल होंगे:

  • अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षक
  • स्ववित्तपोषित पाठ्यक्रमों के शिक्षक
  • स्ववित्तपोषित मान्यता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षक
  • राज्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत शिक्षक

मुख्यमंत्री के निर्देश के अनुसार शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी योजना में शामिल किया गया है। योजना के तहत लाभार्थियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सरकारी और संबद्ध निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी।

योजना का प्रीमियम, लाभ और खर्च

इस योजना के तहत:

  • प्रति शिक्षक या कर्मचारी 2479.70 रुपये का प्रीमियम खर्च होगा
  • लगभग 2 लाख से अधिक शिक्षक और कर्मचारी लाभान्वित होंगे
  • सरकार को हर साल करीब 50 करोड़ रुपये खर्च करने होंगे

इस योजना का संचालन राज्य समग्र स्वास्थ्य एवं एकीकृत सेवा एजेंसी (SACHIS) के माध्यम से किया जाएगा।

आयुष्मान भारत मानकों के अनुसार मिलेगा इलाज

योजना के तहत लाभार्थियों को 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। इलाज की दरें प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण द्वारा निर्धारित मानकों के अनुसार होंगी। उच्च शिक्षा विभाग हर वर्ष 30 जून तक लाभार्थियों और उनके आश्रितों का विवरण साचीज को उपलब्ध कराएगा।

जो व्यक्ति पहले से प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना या मुख्यमंत्री आरोग्य योजना जैसी अन्य स्वास्थ्य योजनाओं से लाभ ले रहे होंगे, उन्हें इस योजना का लाभ नहीं दिया जाएगा। सरकार का मानना है कि यह योजना शिक्षकों और कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा बढ़ाने के साथ उनके परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुरक्षा प्रदान करेगी।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

UP News: योगी कैबिनेट के बड़े फैसले, रजिस्ट्री नियम में बदलाव, OTS योजना, मेरठ इंडस्ट्रियल क्लस्टर मंजूर
UP Cabinet Decisions: योगी सरकार के बड़े फैसले- न्यायिक सेवा नियमों में बदलाव, डेयरी प्लांट और आवास योजना को मंजूरी