DK Shivakumar Karnataka New CM : कर्नाटक में डीके शिवकुमार CM लेकिन बीच किसने मारी बाजी? CM बने शिवकुमार, लेकिन चर्चा किसी और की क्यों? कर्नाटक कैबिनेट में ऐसा क्या हुआ जिसने सबको चौंका दिया? शपथ लेते ही चर्चा में आए ये नेता, जानिए कौन है यह लीडर?
बेंगलुरु : कर्नाटक को आज बुधवार को नया सीएम मिल गया। डीके शिवकुमार ने बुधवार को बेंगलुरु के लोक भवन में 24वें मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा हो रही है जी परमेश्वर की जिन्हें, कांग्रेस पार्टी ने कर्नाटक का उपमुख्यमंत्री बनाया है। दिलचस्प बात यह है कि वह कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और पूर्व सीएम सिद्धारमैया के बेटे को पीछे छोड़ दिया है। जो डिप्टी सीएम बनाए जाने की रेस में आगे चल रहे थे।

कैसी है सीएम डीके शिवकुमार की नई कैबिनेट
कर्नाटक सरकार में आज मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के अलावा 12 और बड़े नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें केएच मुनियप्पा, केजे जॉर्ज, एमबी पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरे गौड़ा, प्रियांक खरगे, यूटी खादर, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्धारमैया, बायराथी सुरेश और शरण प्रकाश पाटिल शामिल हैं। माना जा रहा है कि यह मंत्रियों की पहली लिस्ट है और आने वाले समय में कैबिनेट में और भी नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं।
सिद्धारमैया के बेटे पहली बार बने मंत्री
बता दें कि डीके शिवकुमार की इस कैबिनेट में कई अनुभवी मंत्री हैं जो शिवकुमार के नेतृत्व में लौटे हैं, लेकिन सबसे खास बात पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे यतींद्र सिद्धारमैया का शामिल होना है। यतींद्र पहली बार राज्य कैबिनेट में मंत्री बने हैं।
सीएम डीके शिवकुमार की राजनीतिक प्रोफाइल
शिवकुमार कर्नाटक में कांग्रेस के सबसे प्रमुख नेताओं में से एक हैं। वह कनकपुरा विधानसभा क्षेत्र से लगातार आठ बार विधायक चुने गए हैं और 2020 से कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। उन्होंने 2023 के कर्नाटक विधानसभा चुनावों में पार्टी को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई और राज्य में संगठन को मजबूत करने में भी उनका बड़ा योगदान रहा है।
कौन हैं डीके के डिप्टी सीएम जी परमेश्वर
जी परमेश्वर कांग्रेस के सीनियर नेता हैं। जो कि राज्य के सबसे प्रभावशाली दलित नेताओं में से एक गिने जाते हैं। इतना ही नहीं उन्हें राहुल गांधी का करीबी भी माना जाता है। वह कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) के सबसे लंबे समय तक अध्यक्ष रहे हैं। इससे पहले वे सिद्धारमैया सरकार में राज्य के गृह मंत्री भी रह चुके हैं। कर्नाटक के दलित वोट में उनकी पकड़ मानी जाती है। वह राजनीति में आने से पहले कृषि विज्ञान में डॉक्टरेट (PhD) की उपाधि प्राप्त की है।


