DK Shivakumar Luxury Lifestyle: डीके शिवकुमार ने अपनी कुल कितनी संपत्ति घोषित की है, जिससे वे देश के सबसे अमीर राजनीतिक नेताओं में शामिल हो गए हैं? डीके शिवकुमार ने संपत्ति के मामले में किस मुख्यमंत्री को पीछे छोड़ा है? डीके शिवकुमार ने अपने राजनीतिक करियर में कौन-कौन से प्रमुख मंत्री पद संभाले हैं?

DK Shivakumar Biography (बेंगलुरु). कर्नाटक कांग्रेस के कद्दावर नेता डीके शिवकुमार अपनी घोषित संपत्ति के आधार पर भारत के सबसे अमीर मुख्यमंत्री बन गए हैं। इस मामले में उन्होंने आंध्र प्रदेश के सीएम एन चंद्रबाबू नायडू को भी पीछे छोड़ दिया है। 64 साल के डीके शिवकुमार, जिन्हें लोग DKS के नाम से भी जानते हैं, ने अपनी कुल संपत्ति ₹1,413 करोड़ से ज़्यादा बताई है। अब तक आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू करीब ₹931 करोड़ की संपत्ति के साथ देश के सबसे अमीर सीएम थे, लेकिन अब DKS उनसे आगे निकल गए हैं। इस लिस्ट में नायडू के बाद तमिलनाडु के मुख्यमंत्री जोसेफ विजय का नाम आता है, जिनकी नेट वर्थ ₹640 करोड़ से ज़्यादा है।

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कई नेता सादगी दिखाने के लिए सिंपल कपड़े पहनते हैं, लेकिन शिवकुमार अपनी अमीरी दिखाने से हिचकते नहीं। वो दुनिया के सबसे महंगे ब्रांड्स पहनते हैं। उनकी घड़ियों में कार्टियर और रोलेक्स जैसे ब्रांड शामिल हैं, तो कपड़ों में लुई विटॉन, शनेल, प्राडा, बरबरी और गुच्ची जैसे लग्जरी ब्रांड्स दिखते हैं। इतना ही नहीं, वो अपनी शर्ट और कुर्ते पर 'dk' नाम का मोनोग्राम भी बनवाते हैं।

शिवकुमार की कुल संपत्ति में ₹273 करोड़ की चल संपत्ति और ₹1,140 करोड़ की अचल संपत्ति शामिल है। उन पर ₹265 करोड़ का कर्ज भी है। उनके कपड़ों के स्टाइल के साथ-साथ उनकी संपत्ति भी लगातार बढ़ी है। 2008 में उनकी संपत्ति 75।5 करोड़ रुपये थी, जो 2013 में बढ़कर 251 करोड़, 2018 में 840 करोड़ और 2023 में 1,413 करोड़ रुपये हो गई।

डीके शिवकुमार के बारे में

DKS कनकपुरा सीट से आठ बार के विधायक हैं। उनका जन्म 1962 में कनकपुरा के पास डोड्डालहल्ली गांव में एक किसान परिवार में हुआ था। उनके पिता का नाम केम्पेगौड़ा और मां का नाम गौरम्मा है।

शिवकुमार 1989 में सथानूर से जीतकर पहली बार कर्नाटक विधानसभा पहुंचे। अपने राजनीतिक करियर में उन्होंने कई अहम पद संभाले, जिनमें होम गार्ड और जेल (1991-92), शहरी विकास (1999-2004), ऊर्जा (2013-18), और जल संसाधन व चिकित्सा शिक्षा (2018-19) मंत्री का पद शामिल है। 2020 में उन्हें KPCC का अध्यक्ष बनाया गया और मई 2023 में सिद्धारमैया के साथ उन्होंने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

इतने सालों में, DKS ने एक 'मास्टर स्ट्रैटेजिस्ट' यानी माहिर रणनीतिकार के तौर पर अपनी पहचान बनाई है। कांग्रेस सरकारों को मुश्किलों से निकालने और कई अहम चुनावों में पार्टी को जीत दिलाने में उनकी बड़ी भूमिका रही है।