26 दिन का अनशन, अस्पताल में आधी रात की गुप्त बैठक और IB अधिकारियों की गवाही! आखिर 5 मिनट के भीतर ऐसा क्या हुआ जिससे टूट गया सोनम वांगचुक का भरोसा? जानिए तस्वीरों के पीछे की खौफनाक सच्चाई!
नई दिल्ली: सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने दावा किया है कि केंद्रीय मंत्रियों के साथ हुई बैठक में उनके 26 दिन के अनशन को खत्म करने की तस्वीरें सार्वजनिक नहीं करने पर सहमति बनी थी, लेकिन कुछ ही मिनटों बाद यह वादा टूट गया। इंडिया टुडे टीवी से बातचीत में उन्होंने कहा कि इस घटना ने राजनीतिक नेताओं पर उनका भरोसा कमजोर कर दिया।
जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह पर क्या आरोप?
वांगचुक के अनुसार, स्वास्थ्य बिगड़ने के बाद जब उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया, तब 24 जुलाई की आधी रात को हुई बैठक में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह फोटोग्राफर के साथ पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि उनकी शर्त थी कि तस्वीरें तभी जारी हों, जब विपक्षी दलों और छात्र प्रतिनिधियों की मौजूदगी में संयुक्त घोषणा हो। उनका दावा है कि मंत्री इस प्रस्ताव पर सहमत हुए थे।
IB अधिकारियों को बनाया गया था गवाह
वांगचुक ने बताया कि बैठक में मौजूद इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) के वरिष्ठ अधिकारियों को भी इस समझौते का गवाह बनाया गया था। हालांकि, उनका आरोप है कि कुछ ही मिनटों में तस्वीरें टीवी चैनलों पर प्रसारित होने लगीं। उन्होंने कहा कि वह विपक्षी नेताओं की मौजूदगी वाली तस्वीरों का इंतजार कर रहे थे, तभी उन्हें जानकारी मिली कि फोटो पहले ही जारी हो चुकी हैं।
ये भी पढ़ें… कौन है विशाखा राठौड़? विदेश भागकर भी नहीं बची! 88 करोड़ फ्रॉड केस में UAE से हुई डिपोर्ट
'आधी रात की डील' के आरोपों को किया खारिज
वांगचुक ने सरकार के साथ किसी भी तरह की "आधी रात की डील" के आरोपों को सिरे से नकार दिया। उन्होंने कहा कि यदि समझौता करना ही होता, तो उन्हें 26 दिन तक भूख हड़ताल पर बैठने की जरूरत नहीं पड़ती। उनका कहना था कि उनका उद्देश्य केवल आंदोलन को सभी पक्षों की सहमति के साथ समाप्त करना था।
कैसे खत्म हुआ था 26 दिन का अनशन?
वांगचुक ने 28 जून को जंतर-मंतर पर NEET मुद्दे को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें पहले अस्पताल ले जाया गया और बाद में गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया। 24 जुलाई की रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पेपर लीक पर संदेश के बाद उन्होंने अनशन समाप्त किया। इसके बाद केंद्रीय मंत्रियों के साथ सूप पीते हुए उनकी तस्वीरें सामने आईं, जिन्हें लेकर अब नया विवाद खड़ा हो गया है।
ये भी पढ़ें… कौन हैं प्रिंसिस इसाबेला? इन 9 PHOTO में देखें पहली शाही महिला का राजमहल से मिलिट्री बैरक तक का सफर


