अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हेलिकॉप्टर के बेहद करीब एक यात्री विमान आ गया। इस बड़ी सुरक्षा चूक की जांच शुरू हो गई है। नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड मामले की जांच कर रहा है। यह घटना पिछले मंगलवार की है।

वॉशिंगटन: अमेरिका में एक बड़ी सुरक्षा चूक का मामला सामने आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप जिस मिलिट्री हेलिकॉप्टर में सवार थे, उसके बेहद करीब एक यात्री विमान आ गया। ये घटना तब हुई जब ट्रंप का हेलिकॉप्टर 'मिलिट्री वन' उड़ान भर रहा था और उसी वक्त अमेरिकन एयरलाइंस का एक प्लेन उसके पास से गुजरा। व्हाइट हाउस ने बताया है कि राष्ट्रपति पूरी तरह सुरक्षित हैं। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, एयर ट्रैफिक कंट्रोलर्स से बातचीत में हुई गड़बड़ी की वजह से ऐसा हुआ। अब नेशनल ट्रांसपोर्टेशन सेफ्टी बोर्ड (NTSB) ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।

यह घटना पिछले मंगलवार को स्थानीय समय के मुताबिक दोपहर करीब ढाई बजे हुई। इसे 'लॉस ऑफ सेपरेशन' कहते हैं, यानी जब दो विमानों के बीच तय सुरक्षित दूरी नहीं रह जाती। उस वक्त ट्रंप अपने हेलिकॉप्टर 'मिलिट्री वन' से व्हाइट हाउस से एंड्रयूज एयर फोर्स बेस जा रहे थे। ठीक उसी समय, अमेरिकन एयरलाइंस का एक घरेलू विमान रोनाल्ड रीगन वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भर रहा था, जो ट्रंप के हेलिकॉप्टर के पास आ गया।

इस घटना पर व्हाइट हाउस ने भी बयान दिया है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता कुश देसाई ने साफ किया, "राष्ट्रपति को किसी भी तरह का कोई खतरा नहीं था। मरीन वन को दुनिया के कुछ सबसे बेहतरीन पायलट उड़ाते हैं।" वहीं, फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन (FAA) ने भी कहा है कि जब विमानों के बीच सुरक्षित दूरी कम हुई, उस वक्त एयर ट्रैफिक कंट्रोलर लगातार यात्री विमान और मरीन वन, दोनों के पायलटों के संपर्क में थे।

FAA के अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रपति कभी भी खतरे में नहीं थे और इस पूरी घटना की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जांच के नतीजों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। बता दें कि पिछले साल एक मिलिट्री हेलिकॉप्टर और यात्री विमान की टक्कर में 67 लोगों की मौत हो गई थी। उस हादसे के बाद फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन ने वॉशिंगटन नेशनल एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी थी।