बेंगलुरु में चिकन और अंडे के दाम रिकॉर्ड ऊंचाई पर हैं। स्किनलेस चिकन ₹360/किलो और अंडा ₹9 तक पहुँच गया है। सप्लाई में कमी और दूसरे राज्यों को एक्सपोर्ट इसके मुख्य कारण हैं, जिससे ग्राहक और दुकानदार परेशान हैं।

बेंगलुरु: अगर आप चिकन और अंडे खाने के शौकीन हैं, तो आपकी जेब पर बोझ बढ़ना तय है। पिछले एक हफ्ते से चिकन और अंडे के दामों में ज़बरदस्त उछाल आया है और कीमतें अपने ऑल-टाइम हाई पर पहुंच गई हैं। इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है जब चिकन और अंडे के दाम इतने ज़्यादा बढ़े हैं, जिससे ग्राहक परेशान हैं।

आसमान पर पहुंचे चिकन के दाम

बेंगलुरु शहर में चिकन के दाम दिन-ब-दिन बढ़ते जा रहे हैं, आलम ये है कि ग्राहक दुकान पर जाने से पहले सोचने लगे हैं। बाज़ार में इस समय स्किनलेस चिकन (बिना चमड़ी वाला) 350 से 360 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है। (पहले यह करीब 300 रुपये किलो था)। वहीं, लाइव/विद स्किन चिकन (चमड़ी के साथ) 330 से 340 रुपये प्रति किलो बिक रहा है।

अंडे की कीमतों में भी भारी उछाल!

अंडों की कीमतों में भी भारी उछाल आया है। सिर्फ तीन दिन पहले जो अंडा 7 से 7.50 रुपये में मिल रहा था, अब उसकी कीमत अचानक बढ़ गई है। होलसेल मार्केट में एक अंडे का दाम 8 रुपये है, जबकि रिटेल बाज़ार में ग्राहकों को एक अंडा 8.30 रुपये से लेकर 9 रुपये तक में मिल रहा है।

कीमतें बढ़ने की असली वजह क्या है?

चिकन और अंडे की कीमतों में इस अचानक बढ़ोतरी के पीछे दो मुख्य वजहें बताई जा रही हैं। पहली वजह है मुर्गियों का विकास रुकना। इस बार मौसम में बदलाव या दूसरे कारणों से मुर्गियों का वजन ठीक से नहीं बढ़ पाया है। इससे बाज़ार में मुर्गियों की सप्लाई काफी घट गई है।

दूसरी वजह यह है कि स्थानीय तौर पर पैदा होने वाले चिकन और अंडे बड़ी मात्रा में दूसरे राज्यों को एक्सपोर्ट किए जा रहे हैं। इस वजह से बेंगलुरु शहर के लिए सप्लाई बहुत कम हो गई है। जब सप्लाई कम हो और मांग ज़्यादा हो, तो कीमतें बढ़ना लाज़मी है।

बाज़ार में ग्राहक और दुकानदार दोनों परेशान

कीमतें बढ़ने से बाज़ार में कारोबार पूरी तरह से ठंडा पड़ गया है। दुकानदार परेशान हैं क्योंकि दाम ज़्यादा होने की वजह से ग्राहक चिकन खरीदने से कतरा रहे हैं और दुकानों पर भीड़ कम हो गई है। वहीं, जो चिकन प्रेमी मजबूरी में खरीद भी रहे हैं, वे अपने बजट के हिसाब से कटौती कर रहे हैं। जो ग्राहक पहले एक किलो चिकन खरीदते थे, वे अब सिर्फ 750 ग्राम या आधा किलो खरीदकर घर लौट रहे हैं।

होटल में खाना हो सकता है महंगा

अगर चिकन और अंडे के दाम इसी तरह बढ़ते रहे, तो आने वाले दिनों में होटल और रेस्टोरेंट में भी चिकन बिरयानी, कबाब और अंडे से बनी डिशेज़ (जैसे एग राइस, ऑमलेट वगैरह) महंगी हो सकती हैं। इससे मिडिल क्लास लोगों पर और ज़्यादा बोझ पड़ेगा।